करंट के जाल में फंसे हाथी, वन्यजीवों और आम लोगों के लिए बढ़ता खतरा!

Aug 1, 2025 - 16:25
 0
करंट के जाल में फंसे हाथी, वन्यजीवों और आम लोगों के लिए बढ़ता खतरा!
करंट के जाल में फंसे हाथी, वन्यजीवों और आम लोगों के लिए बढ़ता खतरा!
करंट के जाल में फंसे हाथी, वन्यजीवों और आम लोगों के लिए बढ़ता खतरा!
यह समाचार सुनें
0:00
Powered by Aeternik

बिजली के तारों में करंट का खौफनाक इस्तेमाल

वन्यजीवों की मौत पर बिजली-वन विभाग भी हैं जिम्मेदार

दिनेश यदु @ रायपुर। छत्तीसगढ़ के जंगलों और खेती-बाड़ी के बीच बढ़ती टकराहट अब खतरनाक मोड़ ले रही है। एक किसान ने अपनी फसल बचाने के लिए खेत में करंट प्रवाहित तार बिछा दिया, जिससे एक हाथी की जान चली गई। यह घटना कोरबा वन मंडल के बैगामार जंगल की है, जो न केवल वन्यजीवों के लिए, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी बड़ी चिंता की बात बन गई है।

करंट से मौतें बढ़ीं, जान खतरे में

छत्तीसगढ़ में पिछले छह सालों में 78 हाथियों में से 35 करंट की चपेट में आकर मारे गए, यानी लगभग 45% मौतें बिजली के खतरनाक तारों के कारण हुई हैं। यह एक बहुत बड़ा और गंभीर खतरा है, जो वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ इंसानों की जान पर भी संकट लाया है।

किसान की हरकत से बिगड़ी स्थिति

कटघोरा के डीएफओ निशांत झा ने बताया कि किसान ने फसल बचाने के लिए अपने खेत में करंट प्रवाहित तार लगाया था। जब हाथी खेत में गया तो करंट के झटके से उसकी मौत हो गई। किसान ने भी गुनाह कबूल किया है, पर यह घटना केवल व्यक्तिगत गलती नहीं, बल्कि बड़े सिस्टम की कमजोरी का भी संकेत है।

बिजली विभाग और वन विभाग पर सवाल

बिजली विभाग कई बार बिजली के तारों की जांच और सुरक्षा में लापरवाही करता रहा है। वन विभाग भी जंगलों में बिजली तारों की सही देखरेख नहीं करता और समय पर खतरे की सूचना बिजली विभाग को नहीं देता। नतीजा ये होता है कि जंगल और खेत के बीच बिछाए गए तारों में करंट बना रहता है, जो हाथियों समेत कई जंगली जानवरों के लिए जानलेवा साबित होता है।

आम जनता के लिए भी खतरा

करंट प्रवाहित तार सिर्फ हाथियों तक सीमित नहीं हैं, आसपास के ग्रामीण और किसानों के लिए भी यह बहुत बड़ा खतरा हैं। बच्चों, पशुओं और ग्रामीणों के लिए यह एक अप्रत्याशित हादसे का कारण बन सकता है।

क्या हो समाधान?

जंगल और खेती के बीच बफर ज़ोन बनाना जरूरी है, जिससे जानवर खेतों में न आएं। बिजली विभाग को चाहिए कि वह बिजली के तारों को अंडरग्राउंड या इंसुलेटेड करे, जिससे करंट का खतरा खत्म हो। किसानों को फसल सुरक्षा के लिए सौर ऊर्जा चालित सायरन, ट्रेंचिंग या सोलर फेंसिंग जैसे सुरक्षित विकल्प दिए जाएं। दोनों विभागों के बीच समन्वय और जागरूकता अभियान चलाकर इस खतरे से लोगों को सचेत किया जाना चाहिए।

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com