CBI और TRAI अफसर बनकर साइंटिस्ट से 42 लाख की ठगी, रायपुर में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का नया साइबर फ्रॉड.
रायपुर में 72 वर्षीय रिटायर्ड महिला साइंटिस्ट से साइबर ठगों ने खुद को CBI और TRAI अधिकारी बताकर 42 लाख रुपये ठग लिए। ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर ठगी को अंजाम दिया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने एक 72 वर्षीय रिटायर्ड महिला साइंटिस्ट को अपना शिकार बनाया। ठगों ने पहले खुद को TRAI अधिकारी बताया, फिर दिल्ली पुलिस और CBI अफसर बनकर डराया और महिला से 42 लाख रुपये की ठगी कर ली।
ऐसे रचा गया डिजिटल ठगी का जाल
महिला को कॉल कर कहा गया कि उनके सिम का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग में हो रहा है।
फिर कॉल को दिल्ली पुलिस अधिकारी के पास ट्रांसफर कर दिया गया।
इसके बाद कथित CBI अधिकारी ने कहा कि महिला के नाम से मुंबई में कैनरा बैंक में खाता खोला गया है जिसमें 30 लाख की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है।
फिर डराया गया कि महिला को डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है और संपत्ति जब्त की जाएगी।
गिरफ्तारी से बचने के लिए कहा गया कि 42 लाख रुपये बताए गए खातों में जमा करें।
महिला साइंटिस्ट घबराईं और ठगी का शिकार बन गईं
रायपुर के टैगोर नगर निवासी पुष्पा (रिटायर्ड चीफ साइंटिस्ट, इंस्टिट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी) को जब CBI और गिरफ्तारी का डर दिखाया गया, तो उन्होंने डर और भ्रमित अवस्था में 42 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।
जब शक हुआ तब पहुंचीं पुलिस के पास
रकम देने के बाद भी जब ठग लगातार और पैसे मांगने लगे, तब महिला को ठगी का शक हुआ और उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:
किसी भी अज्ञात कॉल पर सरकारी अधिकारी बताकर डराया जाए तो सतर्क रहें।
CBI, TRAI या पुलिस कभी भी फोन पर डिजिटल अरेस्ट या पेमेंट की मांग नहीं करते।
किसी भी ठगी की आशंका पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय थाने में संपर्क करें।

