"बिहार में का होता ..." "नाम डॉग बाबू, पिता कुत्ता बाबू..."
पटना में अनोखा मामला कुत्ते का बना दिया आवासीय प्रमाण पत्र सोशल मीडिया में वायरल होने पर निरस्त हुआ प्रमाण पत्र, अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
भास्कर दूत रायपुर 29 जुलाई 2025,
सरकारी विभागों की लचर कार्यप्रणाली से तो सभी वाकिफ हैं, जहां जिंदों को मुर्दा और मुर्दे को जिंदा बताना तो आय दिन चर्चा का विषय रहता है। मगर ताज्जुब तो तब हुई जब एक कुत्ते का निवास प्रमाण पत्र जारी हो गया। इतना ही नहीं प्रमाणपत्र में बकायदा आवेदक की जगह कुत्ते की फोटो और अधिकारी का डिजीटल सीग्नेचर भी है। यह घटना बिहार की राजधानी पटना के एक ग्राम की है जहां बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां कुत्ते के नाम पर आवासीय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। मामले की जानकारी आला अफसरों को तब हुई जब यह मामला शोसल मीडिया में सुर्खियां बटोर रहा था।
हालांकि अधिकारियों को जानकारी होते ही आनन-फानन में निवास प्रमाण पत्र को रद्द कर प्रमाण पत्र जारी करने वालों पर कार्रवाई की गई है। बताते चलें कि चुनाव आयोग की तरफ से बिहार में चलाए जा रहे गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान, प्रमाण पत्र जारी करने के पहले विशेष जांच का निर्देश भी जारी किया गया था I लेकिन इस आदेश का कितना अनुपालन हुआ यह तो एक कुत्ते का निवास प्रमाण पत्र बना दिए जाने की चौकाने वाली खबर से ही पता चलता है।
इस घटना ने एक बार फिर से शासकीय कार्यकलापों की पोल खोल कर रख दी है। आरटीपीएस काउंटर के जरिए 24 जुलाई को यह निवास प्रमाण पत्र जारी किया गया था। जिसकी संख्या बीआरसीसीओ 2025/15933581 है। पटना जिले के मसौढ़ी अंचल से जारी इस कार्ड में बकायदा कुत्ता और उसके अभिभावकों का नाम और पता भी अंकित किया गया था। इतना ही नहीं निवास प्रमाण पत्र में आवेदक कुत्ते का फोटो भी चस्पा किया गया था। इसपर राजस्व पदाधिकारी का डिजिटल साइन भी किया है। और तो और माता का नाम कुटिया देवी और पता काउलीचक वार्ड 15 मसौढ़ी लिखा हुआ था।
मसौढ़ी के अंचलाधिकारी ने प्रमाण पत्र रद्द किए जाने की पुष्टि की। वहीं डॉग बाबू को जारी किए गए गए निवास प्रमाण पत्र के मामले का पटना के डीएम ने भी संज्ञान लिया है।

