अवैध शराब की बिक्री से चौपट राजस्व, छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में मिलावटी शराब का जहर.

छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। घोटालेबाजों पर ना तो सरकार का डर है और ना ही कांग्रेस सरकार में हुए घोटाले की जांच का असर। आबकारी विभाग की निष्क्रियता के चलते गांव-गांव में कोचियों ने पांव पसार लिए हैं। आलम यह है कि हर गांव गली मोहल्ले में शराब आसानी से उपलब्ध है। सरकारी शराब दुकानों से प्रति पेटी 200 से 300 की कमीशन पर माफियाओं से शराब मिल रही है। इतना ही नहीं रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में शराब की दुकानों में शराब प्रेमियों से ओवर रेट लिए जा रहे हैं।

Sep 15, 2025 - 17:10
Sep 15, 2025 - 17:47
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अवैध शराब की बिक्री से चौपट राजस्व, छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में मिलावटी शराब का जहर.
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अवैध शराब की बिक्री से चौपट राजस्व, छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में मिलावटी शराब का जहर

कृष्ण कुमार सिकंदर: रायपुर। छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। घोटालेबाजों पर ना तो सरकार का डर है और ना ही कांग्रेस सरकार में हुए घोटाले की जांच का असर। आबकारी विभाग की निष्क्रियता के चलते गांव-गांव में कोचियों ने पांव पसार लिए हैं। आलम यह है कि हर गांव गली मोहल्ले में शराब आसानी से उपलब्ध है। सरकारी शराब दुकानों से प्रति पेटी 200 से 300 की कमीशन पर माफियाओं से शराब मिल रही है। इतना ही नहीं रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में शराब की दुकानों में शराब प्रेमियों से ओवर रेट लिए जा रहे हैं।

 अधिकारी की कृपा के चलते कार्यवाही नहीं

 गत दिन लालपुर स्थित कंपोजिट शराब दुकान में बगैर होलोग्राम वाली शराब की 300 पेटिया पकड़ी गई थी, जिसे तत्कालीन आबकारी सचिव मुकेश बंसल की तत्परता से दुकान में छापामारी कर आबकारी उड़नदस्ता ने पकड़ी थी। इसके बाद वहां के आबकारी इंस्पेक्टर राजेंद्र नाथ तिवारी से सस्पेंड कर दिया था। किंतु जिसकी शह पर यह मिलावटी शराब  का खेल चल रहा था, उस पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। सूत्र बताते हैं कि तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी रामकृष्ण मिश्रा पर मुख्यालय के अधिकारी की कृपा के चलते कार्यवाही नहीं हुई।

अवैध आहाता सेंटरों से लाखों की वसूली

रायपुर के दुकानों में ओवर रेट में शराब बिक्री धड़ल्‍ले से की जा रही है। यही हाल प्रदेश के दुर्ग और बिलासपुर का भी है। रायपुर के अभनपुर, स्टेशन रोड,लालपुर,कमल विहार,राजेंद्र नगर और पंड़री की दुकानों में भी हाल है। यहां तय राशि से अधिक में शराब की बिक्री खुलेआम हो रही है। गत दिनों ओवर रेट शराब के मुद्दे पर शराब दुकान के सुपरवाइजर को उड़नदस्ता के अधिकारी ने चाटा जड़ दिया था। आजकल जहां देखों वहां सिर्फ अवैध वसूली की चर्चा है। आबकारी विभाग की चुप्पी अनेक संदेहों को जन्म देती है। रायपुर जिले में जहां आहाता सेंटरों में बड़ी मात्रा में वित्त प्रभारियों व्दारा अवैध वसूली की शिकायत आए दिन आती है वहीं अवैध आहाता संचालकों से वसूली कर उन्हें खूली छूट दी जा रही है।

बाहरी राज्य के नकली शराब से राजस्व चौपट

प्रदेश के बिलासपुर,दुर्ग और रायपुर में अन्य राज्‍यों की शराब की बड़ी खेंप लगातार आ रही है। ऐसे में राजस्व की वसूली होती नहीं दिख रही है। पुलिस विभाग व्दारा अन्य राज्‍यों की शऱाब से बड़े प्रकरण बनाए गए है, जबकि आबकारी विभाग सिर्फ वसूली में व्‍यस्‍त है। मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में पिछले दिनों पुलिस ने झारखंड की शराब बड़ी मात्रा लगभग 800 पेटी पकड़ी। ऐसी कई गाड़ियां प्रतिदिन छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कर रही हैं और राजस्व को चुना लगाया जा रहा  है।

कहां जा रही अवैध कमाई 

सूत्र बताते हैं कि आबकारी विभाग के बड़े पहुंच वाले एक अधिकारी ने अपने चहेतों से बड़े जिलों में बिठाकर अवैध वसूली से केंद्रीत कर रखा है। यह बड़ी रकम कहां जा रही है। यह बड़ा प्रश्न है।

दुकानों से ब्रांडेंड शराब गायब 

दुकानों में लोकल निम्न स्तर के गुणवत्ता विहीन शराब की बिक्री हो रही है। ग्राहकों की मांग अनुसार राशन नहीं मिल रही है। अच्छे ब्रांड दुकानों से गायब है। 

कमीशन की भेंट चढ़ गई शराब दुकानें. 

सीएसबीपी छत्तीसगढ़ ब्रेवेज कार्पोरेशन में एक ADEO स्तर के अधिकारी स्थानीय शराब निर्माताओं से क्‍यों वसूली करते हैं और ये पैसा कहां जाता है। आबकारी विभाग में इसको लेकर खासा चर्चा है। कुछ का मानना है क‍ि इसकी जांच EOW या ACB से करवानी चाहिए। 

सरकार बदली तो हो सकती है जांच 

माना जा रहा है कि कांग्रेस के कुछ नेता आबकारी विभाग की गतिविधियों पर नजर रखे हैं। सरकार आती जाती रहती है। वे इस ताक में हैं कि कांग्रेस की सत्ता आई तो जांच ACB या  EOW से कराएंगे।