नक्सलियों का शहर से गांव तक फैला नेटवर्क अब नहीं बचेगा : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले
नक्सलियों की फंडिंग पर बड़ा हमला! अब ईडी की एंट्री से मचने वाली है खलबली
विशेष सवांददाता
भास्कर दूत
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ चल रही मुहिम को अब एक नई धार मिलने जा रही है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मीडिया से चर्चा के डाउअरना कहा कि नक्सली नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए केंद्र और राज्य एजेंसियां अब मिलकर बड़ा एक्शन प्लान तैयार कर चुकी हैं। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर में हुई टेरर फंडिंग पर उच्च स्तरीय बैठक में एक सनसनीखेज फैसला लिया गया है – अब नक्सलियों के आर्थिक स्रोतों पर सीधा प्रहार करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी जॉइंट ऑपरेशन का हिस्सा बनाया जाएगा। इस रणनीतिक बैठक की कमान इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी ) के स्पेशल डायरेक्टर ऋत्विक रूद्र ने संभाली, जिसमें छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में एनआईए और ईडी के अफसरों ने नक्सलियों की फंडिंग से जुड़े हालिया खुलासों की जानकारी साझा की, जिससे यह तय हो गया कि अब ईडी इस अभियान में केंद्रीय भूमिका निभाएगी।
“अब कोई भी संदिग्ध लेन-देन बचेगा नहीं” – विजय शर्मा
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पूरी कार्ययोजना को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “अगर कहीं भी नक्सलियों से जुड़ा वित्तीय लेन-देन सामने आता है, तो ईडी तुरंत सक्रिय होगी। अब चाहे उनका नेटवर्क शहरी हो या ग्रामीण, लीगल हो या फाइनेंसियल – हर एंगल से एजेंसियां एकसाथ मिलकर काम करेंगी।” विजय शर्मा ने यह भी कहा कि आईबी जैसी खुफिया एजेंसियों की सूचनाओं पर ईडी को सौंपे जाने लायक मामलों की पहचान की जा रही है। उन्होंने कहा, “हमारे पास ठोस जानकारी है कि नक्सली अब शहरों में भी अपने ‘अर्बन नेटवर्क’ के जरिए फंडिंग जुटा रहे हैं। ईडी के जुड़ने से इस पर बड़ी चोट की जाएगी।”
आर्थिक जड़ें उखाड़ने की तैयारी
अब तक नक्सल विरोधी अभियान में फिजिकल ऑपरेशन यानी जंगलों में मुठभेड़ और तलाशी अभियान पर फोकस था, लेकिन अब आर्थिक जड़ें काटने की शुरुआत हो चुकी है। टेरर फंडिंग के जरिए नक्सल गतिविधियों को चलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ ईडी और एनआइए की संयुक्त कार्रवाई होगी। यह पहली बार है जब नक्सल प्रभावित राज्यों की पुलिस, केंद्रीय एजेंसियां,ईडी, एनआईए और आईबी एक ही मंच पर आकर इस स्तर की रणनीति तैयार कर रही हैं। आने वाले दिनों में इसके और भी असरदार नतीजे देखने को मिल सकते हैं।

