डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसा प्रोफेसर, ठगों को दे बैठा 88 लाख रुपये

Aug 6, 2025 - 16:38
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डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसा प्रोफेसर, ठगों को दे बैठा 88 लाख रुपये
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वीडियो कॉल पर मानसिक कैद, मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी  

रायपुर @ राजधानी  में 'डिजिटल अरेस्ट' का एक और खौफनाक मामला सामने आया है। इस बार शिकार बना है शहर का एक पढ़ा-लिखा, प्रतिष्ठित और जागरूक नागरिक — शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रोफेसर, जो साइबर ठगों की हाईटेक चाल में इस कदर फंस गया कि एक महीने तक मानसिक कैद में रहते हुए 88 लाख रुपये गवां बैठा।  पुरानी बस्ती  थाना प्रभारी योगेश कश्यप से मिली जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के निवासी प्रोफेसर को पहले एक अज्ञात कॉल आया, जिसमें खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताया गया। इसके बाद वीडियो कॉलिंग शुरू हुई और एक के बाद एक फर्जी दस्तावेज, नोटिस और गिरफ्तारी की धमकियां भेजी गईं।
 

एक महीने तक बंद कमरे में डर के साये में रहे प्रोफेसर

ठगों ने प्रोफेसर को यह कहकर डराया कि उनका नाम अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के केस में शामिल है, और अब अगर वे जांच में सहयोग नहीं करेंगे, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रोफेसर को कमरे से बाहर निकलने से मना किया गया और रोज़ाना घंटों वीडियो कॉल पर रखा गया। उनसे कहा गया कि उनका हर कदम निगरानी में है। इस मानसिक भय और भ्रम में आकर उन्होंने एक-एक कर 88 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

परिवार से भी कट गया संपर्क, अकेलेपन का उठाया फायदा

ठगों की रणनीति इतनी चतुराई से बनाई गई थी कि प्रोफेसर धीरे-धीरे परिवार और सहकर्मियों से संपर्क तक बंद करने लगे। इस "साइबर बंधक" स्थिति में वे खुद को पूरी तरह फंसा हुआ मानने लगे और मानसिक रूप से टूट गए। आखिरकार, प्रोफेसर ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर पुरानी बस्ती थाना में शिकायत दर्ज करवाई। थाना प्रभारी योगेश कश्यप ने तत्परता दिखाते हुए मामला दर्ज किया और साइबर सेल की सहायता से जांच शुरू कर दी गई है।

ठगों की गैंग पर शक, जांच में जुटी पुलिस

पुलिस को शक है कि इस अपराध में एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गैंग का हाथ हो सकता है, जो देशभर के शिक्षित लोगों को टारगेट कर मानसिक दबाव बनाकर ठगी करता है। IP एड्रेस, बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सुराग खंगाले जा रहे हैं।

पुलिस की अपील: सतर्क रहें, डरें नहीं

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को इस तरह का कॉल, वीडियो कॉल या नोटिस मिले, जिसमें किसी अपराध में फंसाने की धमकी दी जाए और पैसे मांगे जाएं, तो घबराएं नहीं, तुरंत स्थानीय थाना या साइबर सेल से संपर्क करें।

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com