राजनांदगांव के कुमर्दा गांव की दुर्गा प्रतिमाएं देशभर में मशहूर, बना मूर्तिकला का नया केंद्र.

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले का कुमर्दा गांव अब देशभर में अपनी दुर्गा प्रतिमाओं के लिए पहचाना जा रहा है। सीमित संसाधनों में उत्कृष्ट कला के दम पर यह गांव मूर्तिकला का नया केंद्र बनकर उभरा है।

Sep 20, 2025 - 17:32
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राजनांदगांव के कुमर्दा गांव की दुर्गा प्रतिमाएं देशभर में मशहूर, बना मूर्तिकला का नया केंद्र.
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छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले का कुमर्दा गांव, जो कभी गुमनाम था, आज देशभर में मूर्तिकला के क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहा है। यहां के स्थानीय मूर्तिकारों द्वारा तैयार की गई दुर्गा प्रतिमाएं अब सिर्फ राज्य तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों से भी ऑर्डर आने लगे हैं।

अब देशभर से आ रही है मूर्तियों की डिमांड

कुमर्दा की मूर्तियों की डिमांड अब रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव जैसे प्रमुख शहरों के साथ-साथ मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा, बालाघाट और गुना जैसे जिलों में भी तेजी से बढ़ रही है।
गुना जिले के श्रद्धालु पिछले दो वर्षों से कुमर्दा से मूर्ति मंगवाने की कोशिश कर रहे थे। इस बार समय पर संपर्क होने से विशेष रूप से तैयार मूर्ति वहां भेजी जा रही है, जिससे वहां के भक्तों में खुशी का माहौल है।

सीमित लेकिन उत्कृष्ट उत्पादन

मूर्तिकार देव साहू ने बताया कि ऑर्डर सीमित समय और संसाधनों के कारण पहले से ही बुक हो जाते हैं। हर मूर्ति को भाव, सौंदर्य और शुद्धता के साथ तैयार किया जाता है, यही वजह है कि इनकी प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के बीच खास लोकप्रिय हैं।

कुमर्दा: छत्तीसगढ़ की मूर्तिकला का उभरता केन्द्र

त्योहारी सीजन के साथ ही कुमर्दा की मिट्टी से गढ़ी गई दुर्गा प्रतिमाएं देशभर में आस्था और कला का प्रतीक बन चुकी हैं।
यहां के मूर्तिकारों की साधना, समर्पण और पारंपरिक तकनीक ने गांव को मूर्तिकला के नक्शे पर एक मजबूत पहचान दिलाई है।