"अब नहीं बख्शे जाएंगे अवैध कॉलोनाइज़र" 25 एकड़ ज़मीन पर बनी कॉलोनी पर चला बुलडोजर
25 एकड़ कृषि जमीन पर बने 16 मकान जमींदोज
अब न कोई राजनीतिक संरक्षण चलेगा, न कोई सिफारिश काम आएगी
विशेष संवाददाता
भास्कर दूत
रायपुर @ बोरियाखुर्द की गलियों में बुधवार सुबह अफरा-तफरी मच गई। लोगों की भीड़ एक तरफ खड़ी देख रही थी और दूसरी तरफ जेसीबी की गर्जना के साथ पक्के मकानों की दीवारें गिर रही थी। कारण साफ था-25 एकड़ कृषि जमीन पर बगैर अनुमति, बिना नक्शा-लेआउट के अवैध कॉलोनी तैयार की जा रही थी। मकान खड़े हो चुके थे, बेचने की तैयारी चल रही थी, लेकिन इससे पहले ही
प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई कर कॉलोनाइजर्स के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
जिला प्रशासन, नगर निगम और भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर मौके पर पहुंचा और 16 अवैध मकानों को जमींदोज कर दिया गया। कार्रवाई इतनी सख्त थी कि आसपास के प्लॉटिंग माफियाओं में हड़कंप मच गया।
कॉलोनाइजर्स को दिया था तीन बार नोटिस, नहीं माने तो चला बुलडोजर
निगम के जोन-10 कमिश्नर विवेकानंद दुबे ने बताया कि बोरियाखुर्द में लगातार शिकायतें मिल रही थी कि खेती की जमीन पर रिहायशी कॉलोनी बनाई जा रही है। पहले नोटिस दिया गया, फिर निर्माण स्थल पर नोटिस चस्पा किया गया, लेकिन कॉलोनाइज़र टस से मस नहीं हुए। जवाब देने के बजाय मकानों को तेजी से पूरा करने और ग्राहक ढूंढने में लगे रहे। नतीजा कार्रवाई सीधे तोड़फोड़ तक पहुंच गई।
और भी जगहों पर चला प्रशासन का हथौड़ा
विंध्य नगर, कांदुल रोड और डूंडा क्षेत्र में भी अवैध प्लाटिंग पर बड़ी कार्रवाई हुई। विध्य नगर में 3 एकड़ जमीन पर हो रही अवैध प्लाटिंग पर निगम की टीम ने जेसीबी से नौव तक उखाड़ दी। कांदुल रोड पर 10 एकड़ और डूंडा में 6 एकड़ पर हो रही प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। कॉलोनाइजर्स ने यहां कच्ची सड़क और बाउंड्रीवाल तक बना दिए थे।
बिल्डरों के नाम भी आये सामने
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस अवैध प्लाटिंग में वालफोर्ट ग्रुप के पंकज लाहोटी, महेश धनगर, योगेन्द्र वर्मा और देवांगन जैसे बड़े बिल्डरों के नाम सामने आए हैं। ने सभी मिलकर बिना डायवर्सन, बिना कॉलोनाइज़र लाइसेंस और बिना भवन अनुजा के निर्माण कर रहे थे। निगम ने अब इस भूमि को सील कर दिया है और एफआईआर की तैयारी की जा रही है।
खरीदारों को भी चेतावनी: आंख बंद कर मकान न खरीदें
प्लॉट को खरीदने से पहले अपने नजदीकी जोन कार्यालय से नगर निगम ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी मका नक्शा पास और भवन अनता की जानकारी अवश्य हैं। कषि जमीन पर रिहायशी मकान बनाना और बेचना दोनों ही अपराध हैं।
अब प्रशासन का साफ संदेश है- अवैध कॉलोनाइज़र बख्शे नहीं जाएंगे
अब अगर कोई कॉलोनाइज़र यह सोच रहा है कि नोटिस के बाद भी निर्माण कर लेंगे तो बच जाएंगे, तो यह भ्रम निकाल दें। अब नोटिस के बाद सीधा बुलडोजर चलेगा। यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है-आगे और भी नाम सामने आएंगे और ऐसे निर्माणों पर भी बुलडोजर चलेगा। जो भी लोग नियम तोड़कर खेती की ज़मीन पर रिहायशी मकान बनाने या बेचने की सोच रहे हैं, वे चेत जाएं- अब न कोई राजनीतिक संरक्षण चलेगा, न कोई सिफारिश काम आएगी।

