हार्ट सर्जरी कीर्तिमान , 95% ब्लॉकेज, अंबेडकर में महिला को मिला नया जीवन
एक साथ बाईपास सर्जरी और तीन वाल्वों का रिपेयर एवं रिप्लेसमेंट
दुर्लभ एवं तकनीकी रूप से जटिल प्रक्रिया कर बचाया जीवन
भास्कर दूत रायपुर, 4 अगस्त 2025. डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट और वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने 58 वर्षीय महिला को नया जीवन दिया है। दुर्ग निवासी महिला के हार्ट के 95% ब्लॉकेज होने तथा हृदय के तीन प्रमुख वाल्व के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद जटिल हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक कर उसके जीवन की रक्षा की है। इस सर्जरी में एक साथ ऑफ पंप बीटिंग हार्ट कोरोनरी बाईपास सर्जरी के साथ-साथ हृदय के दोनों वॉल्व का रिपेयर एवं माइट्रल वॉल्व का प्रतिस्थापन किया गया।
दुर्ग के जेवरा सिरसा गांव की निवासी महिला पिछले तीन वर्षों से सांस फूलने और छाती में दर्द की शिकायत से ग्रस्त थी। जांच में यह सामने आया कि मरीज की कोरोनरी आर्टरी में 95% ब्लॉकेज है तथा हृदय के तीन प्रमुख वाल्व (माइट्रल, एओर्टिक और ट्राइकस्पिड) क्षतिग्रस्त हैं। ईकोकार्डियोग्राफी और कोरोनरी एंजियोग्राफी के बाद डॉक्टरों ने सर्जरी का निर्णय लिया और डॉ. के.के. साहू के नेतृत्व में सफलतापूर्वक जोखिम से भरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है और शीघ्र ही अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा।
इस सफलता पर डीन डॉ. विवेक चौधरी एवं अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कार्डियक विभाग के डॉ. के. के. साहू और उनकी टीम को बधाई दी है।
ऑपरेशन एक नजर में - यह एक उच्च जोखिम वाली सर्जरी थी, क्योंकि मरीज की ई.एफ. (इंजेक्शन फ्रिक्शन) कम तो थी ही एवं एक ही साथ बहुत सारी अन्य सर्जरी भी शामिल थी। पहले हृदय के धड़कन को बंद किये बिना हार्ट के कोरोनरी आर्टरी की बायपास सर्जरी की गई। इसके बाद हार्ट-लंग मशीन की सहायता से हृदय और फेफड़ों को अस्थायी रूप से रोका गया। माइट्रल वाल्व को मेटालिक कृत्रिम वाल्व से बदला गया,एओर्टिक वाल्व को विशेष तकनीक से रिपेयर किया गया और ट्राइकस्पिड वाल्व को रिंग लगाकर सुधारा गया।

