स्पा या कुछ और : रिलैक्सेशन की आड़ में देह व्यापार स्पा सेंटर बने सेक्स रैकेट का अड्डा, करीब 500 से ज्यादा सेंटरों में 5,000 युवक-युवतियां
विशेष संवाददाता
भास्कर दूत
रायपुर। राजधानी में वेलनेस और रिलैक्सेशन का नाम लेकर चल रहे स्पा सेंटर्स अब देह व्यापार के अड्डों में बदल चुके हैं। शहर में करीब 500 से ज्यादा स्पा सेंटर्स संचालित हैं, जहां 5,000 युवक-युवतियां काम कर रहे हैं। मसाज और थेरेपी की आड़ में यहां ग्राहकों को सेक्स सर्विस दी जा रही है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन के पास न तो इनका कोई पंजीकृत रिकॉर्ड है और न ही कर्मचारियों व ग्राहकों का कोई डाटा।
पुराने मामले भी नहीं बने नजीर
स्पा सेंटर्स पर गंदे धंधे की पुष्टि पहले भी हो चुकी है। सितंबर 2023 में पुलिस की छह टीमों ने तेलीबांधा, गोलबाजार,गंज और मौदहापारा इलाके के स्पा में छापे मारे थे। दिल्ली और कोलकाता से लाई गई 21 युवतियों और 4 मैनेजरों को पकड़ा गया था। इसी तरह जून 2023 में शंकर नगर के 'द मून' और 'द माइंड' स्पा से 13 लड़कियां संदिग्ध हालत में मिली थीं। दोनों मामलों में काफी सुर्खियां बनीं, मगर कार्रवाई सिर्फ औपचारिक रह गई। न तो स्पा संचालकों को सजा हुई और न ही दलालों पर शिकंजा कसा गया।
गुमास्ता लाइसेंस के भरोसेचल रहा कारोबार
स्पा सेंटर्स के लिए केंद्र सरकार ने स्पष्ट गाइडलाइन बनाई है-स्पा व्यवसाय लाइसेंस, बिल्डिंग परमिट, ओसी सर्टिफिकेट, प्रशिक्षित मसाज थेरेपिस्ट और अनिवार्य CCTV। मगर रायपुर के अधिकांश संचालक सिर्फ गुमास्ता लाइसेंस लेकर कारोबार चला रहे हैं। न तो एक्सपर्ट नियुक्त किए जाते हैं और न ही सुरक्षा से जुड़े मानक पूरे किए जाते हैं। यही वजह है कि यहां किस तरह की सर्विस दी जा रही है और कौन लोग आते हैं, इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय चेतावनी भी अनसुनी संयुक्त राष्ट मादक पदार्थ नियंत्रण
कार्यक्रम (UNODS) ने समय-समय पर राज्यों को स्पा-सेंटर्स की मॉनिटरिंग बढ़ाने की सलाह दी है। केंद्र सरकार ने भी राज्यों को इसका पालन कराने का निर्देश दिया है। मगर रायपुर में ये गाइडलाइन महज कागजों में सिमटी रह गई हैं। पुलिस और निगम दोनों ही जिम्मेदारी टालते हुए सिर्फ शिकायत मिलने पर कार्रवाई का हवाला देते हैं।
जनता परेशान, एसोसिएशन खामोश
शहर की पॉश कॉलोनियों के निवासी कई बार शिकायतें कर चुके हैं कि स्पा सेंटरों की आड़ में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। जून 2024 में श्याम नगर के एक सैलून-स्पा का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें संचालक खुलेआम सेक्स सर्विस की दरें बता रहा था। इसके बावजूद न तो उस पर केस हुआ और न ही बिल्डिंग मालिक पर कोई कार्रवाई। स्थानीय लोग परेशान हैं लेकिन स्पा एसोसिएशन ने अब तक चुप्पी साध रखी है।
अब नए नियमों की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि स्पा सेंटर्स को सिर्फ गुमास्ता लाइसेंस पर चलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इसके लिए पुलिस वेरिफिकेशन, स्पॉट इंस्पेक्शन, विदेशी स्टाफ की वीजा डिटेल और पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट अनिवार्य होना चाहिए। हर सेंटर में CCTV कैमरे और आंतरिक शिकायत समिति भी जरूरी है। विशेषज्ञ यह भी कह रहे हैं कि अगर कोई सेंटर इन नियमों का पालन नहीं करता तो शासन को तत्काल उसका लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए। केवल सख्त और पारदर्शी नियम ही इन सेंटरों पर नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं और उन्हें "सर्विस" के नाम पर गलत काम करने से रोक सकते हैं।
सवालों के घेरे में व्यवस्था
राजधानी रायपुर में स्पा-सेंटर्स की आड़ में सेक्स रैकेट का धंधा खुलेआम चल रहा है। नगर निगम और पुलिस प्रशासन दोनों ही अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते दिखाई देते हैं। सवाल यह है कि जब 500 से ज्यादा सेंटरों में 5,000 युवक युवतियां काम कर रहे हैं, तो आखिर उनकी गतिविधियों पर निगरानी कौन रखेगा? क्या रायपुर की सड़कों पर खुलेआम फलते-फूलते इस धंधे पर कभी रोक लगेगी, या प्रशासन सिर्फ शिकायत का इंतजार करता रहेगा?

