स्त्री नेतृत्व की नया अध्याय : रायपुर जसम की कमान अब जया जादवानी के हाथों में
लेखिकाओं और कलाकारों को मिली बड़ी जिम्मेदारी, गांव-गांव पहुंचाएंगे साहित्य-संस्कृति का संदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जन संस्कृति मंच (जसम) की रायपुर इकाई का पुनर्गठन एक नई सोच और दिशा के साथ किया गया है। इस बार संगठन की कमान देश की प्रतिष्ठित लेखिका जया जादवानी को सौंपी गई है। यह पहली बार है जब रायपुर जसम में स्त्री नेतृत्व को इतनी बड़ी भूमिका दी गई है। रविवार को शंकर नगर स्थित ‘अपना मोर्चा’ कार्यालय में आयोजित बैठक में यह घोषणा की गई।
संगठन में लेखिकाओं और सांस्कृतिक महिलाओं को नेतृत्व की भूमिका देकर जसम ने यह साबित किया है कि जैसे समाज के अन्य क्षेत्रों में महिलाएं अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं, वैसे ही अब साहित्य और कला के क्षेत्र में भी उन्होंने अपना सशक्त वर्चस्व स्थापित किया है। जया जादवानी की अब तक 25 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और उनकी लेखनी सामाजिक विमर्श के केंद्र में रही है। इस नई कार्यकारिणी में वंदना कुमार और दिलशाद सैफी को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लोक कला क्षेत्र की सक्रिय हस्ती डॉ. संजू पूनम को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। वहीं सांस्कृतिक टीम का दायित्व प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका वर्षा बोपचे और सुनीता शुक्ला को सौंपा गया है। इंद्र कुमार राठौर को दूसरी बार सचिव चुना गया है जबकि युवा कवि प्रो. अजय शुक्ला को सह-सचिव नियुक्त किया गया है। इस कार्यकारिणी में वरिष्ठ आलोचक प्रो. सियाराम शर्मा और संस्कृतिकर्मी राजकुमार सोनी को संरक्षक की भूमिका में शामिल किया गया है।
लेखक और संस्कृतिकर्मी जाएंगे गांव
अभी हाल के दिनों में जसम से जुड़े सदस्यों ने मुंशी प्रेमचंद की जयंती पर स्कूली बच्चों के बीच ईदगाह, बूढ़ी काकी और पंच परमेश्वर पर चित्र निर्माण का एक कार्यक्रम आयोजित किया था. जसम के इस अभिनव आयोजन को देश व्यापी सराहना मिली थीं. अब जसम से जुड़े लेखकों और संस्कृतिकर्मियों ने गांव में जाकर ग्रामीणों और बच्चों के सुख-दुख, हंसी-खुशी में शामिल होने का मन बनाया है.बैठक में जसम के सदस्यों ने यह भी तय किया कि साहित्य-संस्कृति और कला से जनता के जुड़ाव के लिए प्रतिबद्ध प्रयास को सतत जारी रखा जाएगा.

