राजस्व मंत्री की पहल से तहसीलदारों का हड़ताल खत्म
5 प्रमुख मांगों पर बनी सहमति अन्य के पूरी होने का मिला आश्वासन
भास्कर दूत रायपुर, 6 अगस्त 2025, प्रदेश में लंबे समय से हड़ताल पर बैठे तहसीलदारों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। संसाधन नहीं तो काम नहीं का नारा लगाते हुए बीते 28 जुलाई से 17 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे राजस्व अधिकारियों ने बुधवार को राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा से मुलाकात की। मंत्री निवास में मुलाकात के बाद आंदोलन को समाप्त करने की घोषणा की गई।
चरणबद्व आंदोलन पर बैठे राजस्व अधिकारियों ने राजस्व मंत्री के सकारात्मक पहल और ठोस आश्वासन पर आज हड़ताल से वापस हो गए। राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर कहा, “राजस्व विभाग शासन की रीढ़ है, और अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनकी समस्याओं को शासन गम्भीरता से लेता है और उचित समाधान हेतु कटिबद्ध है।” इस अवसर पर राजस्व सचिव, राजस्व संचालनालय के संचालक तथा उप सचिव भी उपस्थित रहे।
संघ के प्रतिनिधियों ने विभागीय अधिकारियों से विस्तृत चर्चा कर अपनी मांगों एवं समस्याओं को सामने रखा। मंत्री वर्मा ने उनकी सभी बातों को गंभीरता से सुनते हुए समाधान हेतु शासन स्तर से सुलझाए जाने वाली 5 प्रमुख मांगों को पूरी करने का आश्वासन दिया। संघ पदाधिकारियों ने भरोसा जताया कि राज्य शासन द्वारा समयबद्ध ढंग से उनकी मांगों का समाधान किया जाएगा। संघ द्वारा प्रस्तुत मुख्य मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए प्रशासन ने कई अहम बिंदुओं पर सहमति जताई है। परिणामस्वरूप, राजस्व अधिकारियों ने हड़ताल समाप्त कर पुनः कार्यभार संभालने की घोषणा की है। हड़ताल समाप्त होने के बाद प्रदेश भर में राजस्व संबंधी कार्यों के सुचारू संचालन होगा। जिसमें नामांतरण, बंटवारा, भू-अधिकार अभिलेख, सीमांकन जैसे कार्यों में हो रही देरी पर रोक लगेगी और आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी।
इन मांगों पर सहमति - डिप्टी कलेक्टर के पदों पर पदोन्नति, सीधी भर्ती पर 50 : 50 अनुपात की बहाली पर कार्यवाही किए जाने, राजस्व अधिकारियों को राजपत्रित दर्जा दिए जाने, लंबित पदोन्नति प्रकरणों का निराकरण करते हुए नायब तहसीलदारों एवं तहसीलदारों के लंबित ग्रेड पे और पदोन्नति मामला, प्रोटोकॉल एवं लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी हेतु शासकीय वाहन व चालक की सुविधा उपलब्ध कराए जाने, राजस्व विभाग में बिना वैध प्रक्रिया के निलंबन अथवा अभियोजन से प्रभावित अधिकारियों की स्थिति की 15 दिवस के भीतर जांच कर बहाली करना मुख्य रूप से शामिल था। इस निर्णय से राज्यभर के राजस्व कार्यालयों में कामकाज पुनः सामान्य हो गया है, जिससे आम जनता को राहत मिली है।

