मठ–मंदिरों की आज़ादी के लिए आवाज़ तेज, अखाड़ा परंपरा बहाली की मांग
धर्म स्तंभ काउंसिल के डॉ. सौरभ निर्वाणी ने सांसद चिंतामणि महाराज को सौंपा प्रस्ताव
पुजारियों के लिए 25 हज़ार मासिक वेतन का भी सुझाव
रायपुर @ धर्म स्तंभ काउंसिल के सभापति डॉ. सौरभ निर्वाणी ने सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज से मुलाक़ात कर मठ–मंदिरों को प्रशासनिक नियंत्रण से मुक्त करने और अखाड़ा परंपरा बहाल करने की मांग उठाई। मुलाक़ात के दौरान डॉ. निर्वाणी ने कहा कि जिस तरह चर्च और मस्जिदें अपने धार्मिक बोर्डों से स्वतंत्र रूप से संचालित होती हैं, वैसे ही मठ–मंदिर भी गुरु–शिष्य परंपरा के अनुसार चलने चाहिएं। उन्होंने ट्रस्ट प्रणाली में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ ट्रस्टी राजनीतिक प्रभाव का उपयोग कर मठ–मंदिर की जमीनें बेची जा रही हैं, जिससे आस्था को ठेस पहुंच रही है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि जब-जब मठ–मंदिर स्वायत्त रहे, तब-तब देश की सांस्कृतिक शक्ति मजबूत हुई। बैठक में पुजारियों को 25 हज़ार रुपए मासिक वेतन देने का प्रस्ताव भी रखा गया, ताकि वे आर्थिक सुरक्षा के साथ समाज की सेवा कर सकें। सांसद को सौंपे गए इस प्रस्ताव में सनातन गौरव पुनर्स्थापना का आह्वान किया गया।

