भूपेश बघेल आदिवासी विरोधी मानसिकता के प्रतीक : अनुराग अग्रवाल
रायपुर @ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एक ट्वीट पर सियासत गरमा गई है। भाजपा के प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी अनुराग अग्रवाल ने तीखा जवाब देते हुए भूपेश बघेल पर आदिवासी नेताओं के अपमान का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भूपेश जी आदिवासी राजनीति करने का प्रयास ना ही करें तो बेहतर होगा। अनुराग ने कहा कि आज प्रदेश का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों में है, लेकिन भूपेश बघेल हर बार उन्हें अपमानित करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उन्होंने याद दिलाया कि देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सर्वोच्च पद तक पहुंचाने का श्रेय भाजपा को जाता है।
उन्होंने भूपेश पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अपने बेटे की गिरफ्तारी के विरोध में तो आपने पूरी कांग्रेस को मैदान में उतार दिया, लेकिन जिन आदिवासी नेता कवासी लखमा के नाम पर आपने करोड़ों कमाए, उनकी आप आज कोई सुध नहीं ले रहे हैं। अनुराग ने यह भी याद दिलाया कि 2018 में भारी बहुमत से बनी कांग्रेस सरकार को 2023 के चुनाव में 80% आदिवासी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा, जो आदिवासी समाज की नाराजगी का प्रमाण है।अग्रवाल ने आगे कहा कि आप भाजपा के अंदरूनी मामलों में झांकना बंद करें और पहले अपने वक्त का लेखा-जोखा दें। जब आपके आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने विधानसभा में डीएमएफ फंड घोटाले का मुद्दा उठाया था, तब उन्हें अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। वहीं कोरबा की कलेक्टर रानू साहू के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय आपने उन्हें प्रमोट किया। अनुराग अग्रवाल ने अंत में भूपेश बघेल से सवाल किया कि वे इन मामलों पर भी जवाब दें, केवल दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने कार्यकाल की गलतियों को भी स्वीकार करें।

