छत्तीसगढ़ में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ के तहत शिक्षक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की पहल – बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर/दिल्ली @ लोकसभा में छत्तीसगढ़ के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने शिक्षा से जुड़ा एक विशेष प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। यह प्रतिवेदन संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल से संबंधित स्थायी समिति की 368वीं रिपोर्ट पर आधारित था, जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षक प्रशिक्षण और क्षमता विकास पर खास जोर दिया गया।
शिक्षा की गुणवत्ता का आधार – शिक्षक
अपने संबोधन में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्पष्ट किया गया है कि शिक्षा की गुणवत्ता का मूल आधार शिक्षक होते हैं। इस नीति में यह तय किया गया है कि:
सभी शिक्षकों के लिए सतत व्यावसायिक विकास कार्यक्रम लागू हो।
राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण मंच के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण दिया जाए।
नए और नवाचारपूर्ण प्रशिक्षण मॉडल तैयार किए जाएं।
वर्ष 2030 तक सभी नई नियुक्तियां चार वर्षीय समग्र बी.एड. डिग्री से हों।
प्रत्येक शिक्षक को हर साल कम से कम 50 घंटे का कौशल उन्नयन प्रशिक्षण मिले।
छत्तीसगढ़ में विशेष लागू करने की योजना
बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में, खासकर दूरस्थ और आदिवासी इलाकों में, अच्छी शिक्षा एक बड़ी चुनौती रही है। सुझाव दिया गया कि यहां ‘विद्यापीठ मॉडल’ के जरिए शिक्षक प्रशिक्षण लागू किया जाए, जिससे:
स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षकों की उपलब्धता बढ़े।
शिक्षा का स्तर बेहतर हो।
प्रशिक्षण सुविधाएं गांव-गांव तक पहुंचे।
केंद्र सरकार से आग्रह किया गया कि छत्तीसगढ़ के लिए इस नीति के तहत विशेष बजट और संस्थागत समर्थन दिया जाए।
उत्कृष्ट जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) योजना
इस योजना का लक्ष्य देश के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को जिला-स्तरीय उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र बनाना है। इसके तहत:
1. अत्याधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं और डिजिटल पुस्तकालय बनेंगे।
2. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और नई तकनीक से शिक्षण रणनीतियां बेहतर होंगी।
3. शिक्षा में तकनीक के उपयोग से अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
4. शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे।
5. छात्रों को डिजिटल और ज्ञान-आधारित समाज के लिए तैयार किया जाएगा।
6. बेहतर बुनियादी ढांचा और तकनीकी संसाधन मिलेंगे।
7. शिक्षा से जुड़े लोगों के बीच सहयोग और जानकारी साझा करने की सुविधा बढ़ेगी।
छत्तीसगढ़ के चयनित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान
पहला चरण (वित्तीय वर्ष 2023-24)
पेंड्रा
बेमेतरा
रायपुर
कांकेर
दूसरा चरण (वित्तीय वर्ष 2025-26)
बस्तर
बीजापुर
दुर्ग
महासमुंद
उत्तर (दरियागंज)
बजट और असर
इन 9 संस्थानों को लगभग 135 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा। इस पहल से:
शिक्षकों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलेगा।
राज्य के बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के एक नए युग की शुरुआत होगी।

