छत्तीसगढ़ भाजपा में बड़ा उलटफेर तय!
दो मंत्री, दो महामंत्री और 30 प्रकोष्ठों में बदले जाएंगे चेहरे
महिला मोर्चा समेत सात मोर्चा अध्यक्षों की भी होगी नई नियुक्ति
दिल्ली से लौटते ही होगी सूची पर अंतिम मुहर
विशेष संवाददाता
भास्कर दूत
रायपुर @ छत्तीसगढ़ भाजपा में बहुत जल्द बड़ी राजनीतिक उठापटक होने जा रही है। कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ भाजपा संगठन में भी बड़े बदलाव की तैयारी पूरी हो चुकी है। दिल्ली में होने वाली अहम बैठक के बाद इसका ऐलान किसी भी दिन हो सकता है। बताया जा रहा है कि दो नए मंत्रियों की शपथ के साथ संगठन की नई कार्यकारिणी भी घोषित होगी, जिसमें 7 मोर्चा, 30 प्रकोष्ठ और 2 प्रदेश महामंत्री की नियुक्ति होगी।
एक साथ डबल धमाका: मंत्री और संगठन दोनों में बदलाव
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार पार्टी अब संगठन और सरकार में तालमेल बैठाते हुए एक साथ ही दोनों का विस्तार करेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और संगठन महामंत्री पवन साय इस सिलसिले में दिल्ली रवाना हो चुके हैं। इससे साफ है कि अब अंतिम मुहर लगनी ही बाकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहले से दिल्ली में मौजूद हैं।
महिला मोर्चा और महामंत्री पदों पर नई होड़
मौजूदा महिला मोर्चा अध्यक्ष शालिनी राजपूत को हाल ही में हस्तशिल्प विकास बोर्ड का प्रमुख बनाए जाने के बाद अब यह पद खाली हो चुका है। ऐसे में भाजपा की कई नेत्रियां इस पद को पाने के लिए सक्रिय हो गई हैं। उधर, दो प्रदेश महामंत्री पद भी खाली हैं, क्योंकि संजय श्रीवास्तव को नान का अध्यक्ष और जगदीश रोहरा को धमतरी महापौर बना दिया गया है। इन खाली पदों को भरने के लिए संगठन में जबरदस्त जोड़तोड़ चल रही है।
20 दिन के भीतर सब कुछ साफ होने के आसार
सूत्रों की मानें तो आगामी 20 दिनों के भीतर भाजपा नेतृत्व इन तमाम नियुक्तियों पर अंतिम फैसला ले लेगा। कार्यकर्ताओं में भी भारी उत्सुकता है क्योंकि लंबे समय से प्रदेश संगठन की नई कार्यकारिणी की प्रतीक्षा हो रही थी।
निगम-मंडल में पहले ही 20 से अधिक नेताओं को समायोजित किया जा चुका है, अब बचे हुए दावेदार संगठन और मोर्चा-प्रकोष्ठ के पदों पर नजर गड़ाए हुए हैं।
फॉर्मूला नहीं, सिर्फ निष्ठा और समर्पण ही आधार
संगठन से जुड़े नेताओं का कहना है कि इस बार कोई विशेष ‘फॉर्मूला’ नहीं अपनाया जा रहा है। केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी जो वास्तव में जमीन पर पार्टी के लिए समर्पण भाव से काम करते हैं। नेताओं में सहमति बनाकर ही नामों पर मुहर लगाई जाएगी।
नए चेहरे, नई दिशा की तैयारी
भाजपा अब अगले चुनावी रणनीति की दिशा में संगठन को धारदार बनाना चाहती है। इसलिए मोर्चा, प्रकोष्ठ और महिला मोर्चा जैसे संगठनों में प्रभावशाली और मेहनती नेताओं को मौका देने की योजना है।

