अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव का संदेश – बाघ संरक्षण में जनभागीदारी ज़रूरी
अचानकमार की बाघिन और शावकों की तस्वीर शेयर कर दिया भावुक संदेश
रायपुर @ अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के मौके पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बाघ संरक्षण को लेकर भावुक अपील की। उन्होंने अचानकमार टाइगर रिजर्व की एक खूबसूरत तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें एक माँ बाघिन अपने नन्हे शावकों के साथ दिखाई दे रही है। इस तस्वीर को साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "यह सिर्फ शावक नहीं, हमारे पर्यावरण और जैविक संतुलन की उम्मीद हैं।"
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का अचानकमार टाइगर रिजर्व सिर्फ जंगल नहीं, बल्कि प्राकृतिक संतुलन, जैव विविधता और बाघों की सुरक्षित शरणस्थली है। बाघ संरक्षण सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से जुड़ा जन आंदोलन बन चुका है।
अरुण साव ने लिखा कि यह तस्वीर हमारे प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। जनसंवेदनशीलता और स्थानीय सहयोग ने यहां के बाघों को सुरक्षित माहौल देने में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि बाघों की रक्षा सिर्फ वन्यजीवों की सुरक्षा नहीं, बल्कि हमारी अगली पीढ़ी को संतुलित पर्यावरण देने की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर उन्होंने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार वन विभाग के माध्यम से बाघों के आवास, भोजन और सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से जुड़ने का आग्रह किया ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी बाघों की गर्जन सुनने का अवसर मिल सके।

