डॉ. मोहित साहू की किताब 'इनर वेलनेस रिवोल्यूशन' बनी अमेज़न बेस्टसेलर, देश में मानसिक सेहत की क्रांति!

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May 11, 2025 - 23:41
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डॉ. मोहित साहू की किताब 'इनर वेलनेस रिवोल्यूशन' बनी अमेज़न बेस्टसेलर, देश में मानसिक सेहत की क्रांति!
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  तनाव और चिंता से जूझते भारत में छत्तीसगढ़ की आवाज बने डॉ. मोहित साहू आज के समय में जब हर दूसरा व्यक्ति तनाव, चिंता और अधिक सोच (ओवरथिंकिंग) से जूझ रहा है, ऐसे समय में छत्तीसगढ़ के कुरुद निवासी डॉ. मोहित कुमार साहू द्वारा लिखित पुस्तक 'इनर वेलनेस रिवोल्यूशन: चिंता, तनाव और ओवरथिंकिंग के लिए वैज्ञानिक और समग्र समाधान' ने अमेज़न बेस्टसेलर बनकर देशभर में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई जागरूकता की लहर शुरू कर दी है। यह पुस्तक हाल ही में "चिंता और भय से निजात दिलाने वाली सेल्फ-हेल्प" श्रेणी में #1 नई लोकप्रिय रिलीज़ रही है। डॉ. मोहित साहू, एक मानसिक स्वास्थ्य कोच और एनएलपी (न्यूरो-लिंग्विस्टिक प्रोग्रामिंग) विशेषज्ञ हैं। उन्होंने एनएलपी, माइंडफुलनेस और न्यूरोसाइंस जैसे वैज्ञानिक तरीकों को मिलाकर इस पुस्तक में ऐसे प्रभावशाली, सरल और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं, जो पाठकों को चिंता, तनाव और ओवरथिंकिंग से उबरने में मदद करते हैं। यह पुस्तक अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कोच डॉ. योगेन्द्र सिंह राठौर द्वारा लॉन्च की गई थी और इसके कुछ ही दिनों में इसने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक नई सोच और जागरूकता उत्पन्न कर दी है। चिंता, तनाव और ओवरथिंकिंग — विज्ञान और समाधान: चिंता, तनाव और अधिक सोच का संबंध सीधे हमारे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और हार्मोन्स से जुड़ा है। मस्तिष्क का एमिगडाला भाग जब अत्यधिक सक्रिय हो जाता है, तो यह "फाइट या फ्लाइट" प्रतिक्रिया शुरू करता है और कॉर्टिसोल नामक तनाव हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसके परिणामस्वरूप घबराहट, बेचैनी और नकारात्मक सोच जन्म लेती है। वहीं, निर्णय लेने और तार्किक सोच के लिए जिम्मेदार प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स की सक्रियता घट जाती है, जिससे संतुलन बिगड़ जाता है और व्यक्ति ओवरथिंकिंग और चिंता की स्थिति में आ जाता है। डॉ. साहू ने अपनी पुस्तक में बताया है कि कैसे एनएलपी और माइंडफुलनेस जैसी तकनीकें मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को पुनः संतुलित कर सकती हैं: 1. माइंडफुलनेस मेडिटेशन से प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स सक्रिय होता है, जिससे एमिगडाला की सक्रियता घटती है और मानसिक शांति मिलती है। 2. एनएलपी तकनीकें, जैसे रीफ्रेमिंग, व्यक्ति की सोच और भाषा के पैटर्न को इस तरह बदलती हैं कि मस्तिष्क में नई सकारात्मक मानसिक संरचना विकसित हो सके — इसे ही न्यूरोप्लास्टिसिटी कहते हैं। इन तकनीकों का प्रभाव वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है और ये बिना किसी दवा के मानसिक असंतुलन को जड़ से सुधारने में कारगर हैं। पुस्तक की विशेषताएँ: • चिंता, तनाव और ओवरथिंकिंग से निपटने के सरल और असरदार उपाय • मस्तिष्क विज्ञान और एनएलपी पर आधारित रणनीतियाँ • माइंडफुलनेस से कोर्टिसोल कम करें, सेरोटोनिन बढ़ाएं — मानसिक संतुलन पाएं "मानसिक स्वास्थ्य अब कोई विकल्प नहीं, यह आज की अनिवार्यता है। 'इनर वेलनेस रिवोल्यूशन' के माध्यम से मेरा उद्देश्य है कि हर व्यक्ति अपने भीतर की शांति और शक्ति को पुनः प्राप्त कर सके।" — डॉ. मोहित साहू यह पुस्तक अमेजन, फ्लिपकार्ट, गूगल बुक, गूगल प्ले स्टोर जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com