मेट्रो में सफर करने वालों के लिए बुरी खबर, इतने बजे के बाद पकड़ी ट्रेन तो देने होंगे एक्ट्रा रुपये

अब अगर आप साढ़े 10 बजे के बाद मेट्रो पकड़ेगी तो आपकी जेब ज्यादा ढीली होगी. असल में अगले मंगलवार यानी 10 दिसंबर से अगर आप 10:40 बजे की मेट्रो ले रहे है

Dec 3, 2024 - 02:02
Dec 3, 2024 - 02:02
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मेट्रो में सफर करने वालों के लिए बुरी खबर, इतने बजे के बाद पकड़ी ट्रेन तो देने होंगे एक्ट्रा रुपये
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अब अगर आप साढ़े 10 बजे के बाद मेट्रो पकड़ेगी तो आपकी जेब ज्यादा ढीली होगी. असल में अगले मंगलवार यानी 10 दिसंबर से अगर आप 10:40 बजे की मेट्रो ले रहे हैं, तो आपको ₹10 अतिरिक्त देने होंगे. पर आपको बता दें कि यह डीएमआरसी यानी दिल्ली मेट्रो नहीं बल्कि कोलकाता मेट्रो का ऐलान है. यहां ‘नाइट स्पेशल’ मेट्रो को इस साल 24 मई को उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के दमदम-न्यू गरिया खंड पर शुरू किया गया था. 24 जून से कम यात्री संख्या के कारण लास्ट ट्रेन का समय 20 मिनट पहले कर दिया गया था. छह महीने बाद सोमवार को मेट्रो रेलवे ने घोषणा की कि न्यू गरिया (कवि सुभाष) से दमदम के लिए 10:40 बजे चलने वाली विशेष मेट्रो सेवाओं की सवारी बहुत कम है. कोलकाता मेट्रो प्रवक्ता ने कहा कि इसलिए, हर टिकट पर ₹10 का सरचार्ज जोड़ा जाएगा, चाहे दूरी कितनी भी हो. संशोधित किराया 10 दिसंबर से लागू किया जा रहा है. इसलिए, जो व्यक्ति सिर्फ एक स्टॉप या न्यूनतम 2 किमी की यात्रा के लिए ₹5 का भुगतान कर रहा था उसे अब ₹15 देने होंगे. इसी तरह, न्यू गरिया से दमदम के बीच की यात्रा के लिए ₹25 का भुगतान करने वाले यात्रियों को अब ₹35 देने होंगे. मेट्रो से सफर करने वाले लोगों का क्या है कहना? हालांकि मेट्रो ने रात की सेवाओं के लिए कम फुटफॉल पर जोर दिया है. कई लोग इस पर निर्भर हो गए हैं. एक केमिस्ट शॉप में अकाउंटेंट का काम करने वाले अनुज सेन शर्मा ने बताया कि मुझे अतिरिक्त ₹10 देने में कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते वे सेवाएं जारी रखें. कई यात्रियों ने कहा कि मेट्रो अधिकारी 10:40 बजे की ट्रेन चलाने के लिए बहुत उत्सुक नहीं हैं. श्यामबाजार से कालीघाट जाने वाले यात्री बिकाश दास ने कहा कि पहले मेट्रो 11 बजे की सेवाएं वापस ले लीं. जब हमें लगा कि 10:40 बजे की सेवा स्थायी है, तो एक और घोषणा आ गई. किराया कैसे बढ़ा सकते हैं: यात्री एक अन्य यात्री बरुण पाल ने कहा कि वे किराया ऐसे कैसे बढ़ा सकते हैं? अगर कम यात्री हैं, तो यह अधिकारियों की विफलता है. अंतिम और विशेष रात सेवा के बीच एक घंटे का अंतर है. वहीं सुभाषिस सेनगुप्ता ने कहा कि कोई अन्य मेट्रो सिस्टम ऐसा हास्यास्पद विचार नहीं लाएगा. यात्रियों को दंडित करने के बजाय, एक निरंतर सेवा शुरू की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने हमारी बार-बार की अपीलों को अनसुना कर दिया है. कर्मचारी तीन शिफ्टों में काम करने के लिए तैयार हैं, जिससे उन्हें आधी रात को बसों या ट्रेनों की कमी की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. रात में मेट्रो चलाने का खर्च 3 लाख से ज्यादा एक मेट्रो अधिकारी ने समझाया कि हम दो विशेष रात की ट्रेनों के लिए प्रति दिन लगभग ₹2.7 लाख का संचालन खर्च कर रहे हैं. साथ ही अन्य खर्चों के रूप में ₹50,000 का अतरिक्त भार आता है. वहीं इसके बदले में इन दो ट्रेनों से रोजाना की आय बहुत निराशाजनक रही है.
Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com