किसानों को उन्नत कृषि के लिए जागरूक करें: कृषि मंत्री
मंत्री नेताम ने कांकेर जिले की समीक्षा बैठक में दिया निर्देश
रायपुर 31 जुलाई 2025, कृषि और आदिवासी विकास को लेकर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कांकेर में तीन जिलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली । इस दौरान विभिन्न कार्यों की समीक्षा करते हुए किसानों को जैविक खेती, कोदो-कुटकी और उन्नत कृषि के लिए जागरूक करने का निर्देश दिया।
बैठक में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति, खाद-बीज वितरण एवं किसानों को दी जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कांकेर विधायक आशाराम नेताम, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा भी मौजूद थे।
कृषि मंत्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीक के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक अभियान चलाएं। खाद एवं बीज का समय पर वितरण सुनिश्चित करते हुए योजनाओं का लाभ पारदर्शिता से अंतिम छोर के किसान तक पहुंचाने का प्रयास करें। उन्होंने मृदा की सेहत को संरक्षित रखने हेतु रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग और जैविक खादों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर जोर दिया। उद्यानिकी के क्षेत्र में मुनगा, ऑयल पाम, मसाला फसलें और कोदो-कुटकी जैसी फसलों के माध्यम से युवाओं को रोजगार से जोड़ने तथा तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु भी उन्होंने निर्देश दिए।
बैठक में संचालक कृषि एवं प्रबंध संचालक, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम अजय कुमार अग्रवाल द्वारा तीनों जिलों में बीज एवं खाद की उपलब्धता, भंडारण और वितरण की स्थिति की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि कांकेर जिले में 38,869.35 क्विंटल धान बीज में से 34,756.60 क्विंटल का वितरण हो चुका है। यूरिया खाद 25,568.13 मीट्रिक टन में से 20,525.87 मीट्रिक टन वितरित किया गया है। डीएपी खाद 7,024.15 मीट्रिक टन में से 6,002.05 मीट्रिक टन तथा एनपीके 9,129.55 मीट्रिक टन में से 7,216.73 मीट्रिक टन वितरित किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत वर्ष 2024-25 में कांकेर जिले के 75,559 कृषक बीमित हैं, जबकि वर्ष 2025-26 में 17,575 कृषकों का बीमा किया गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत जिले के 82,395 कृषक लाभान्वित हुए हैं।
आश्रम-छात्रावास के बच्चों का सर्वांगीण विकास- मंत्री ने आदिवासी विकास विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि आश्रम-छात्रावासों के बच्चों का भविष्य संवारना हम सबकी जिम्मेदारी है। इसलिए नियमित रूप से छात्रावासों का आकस्मिक निरीक्षण कर प्रतिवेदन कलेक्टर को रिपोर्ट देने कहा। साथ ही छात्रावासों में बुनियादी जरूरतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पौधरोपण भी कराए जाने के निर्देश दिए।

