एनसीसी ग्रुप की ऐतिहासिक जीत, तीसरी बार बना रायपुर ओवरऑल चैंपियन
लखौली आरंग में आयोजित दस दिवसीय थल सैनिक कैंप में अनुशासन
समर्पण और नेतृत्व का दिखा जबरदस्त उदाहरण, 600 से ज्यादा कैडेट्स ने लिया भाग
रायपुर @ एनसीसी का नाम सुनते ही अनुशासन, देशभक्ति और नेतृत्व की भावना की छवि सामने आती है। रायपुर एनसीसी ग्रुप ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वो इन आदर्शों का सच्चा प्रतिनिधि है। लखौली (आरंग) में आयोजित थल सैनिक कैंप में रायपुर ग्रुप ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार तीसरी बार ओवरऑल चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया। यह शिविर न केवल प्रतिस्पर्धा का मैदान था, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम भी बना।
रायपुर ग्रुप का दबदबा, अन्य ग्रुप्स को पीछे छोड़ा
एनसीसी निदेशालय (मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़) के तहत आयोजित इस दस दिवसीय अंतर-समूह प्रतियोगिता शिविर में रायपुर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर और सागर ग्रुप्स के 600 से अधिक कैडेट्स ने भाग लिया। इन सभी के बीच रायपुर ग्रुप का प्रदर्शन सबसे दमदार रहा। यह शिविर 1 छत्तीसगढ़ बटालियन एनसीसी, कोरबा के वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का भी हिस्सा था।
भविष्य के लिए चयन का अहम मौका
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य सितंबर 2025 में दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय थल सैनिक कैंप (TSC) के लिए निदेशालय की टीम का चयन करना था। इस राष्ट्रीय कैंप में देशभर से करीब 2000 कैडेट्स हिस्सा लेंगे, जिनमें से चयनित होना किसी गर्व से कम नहीं।
अनुशासन और प्रशिक्षण का मिला अद्भुत संगम
शिविर में कैडेट्स ने कई क्षेत्रों में अपना कौशल दिखाया — बाधा प्रशिक्षण, टेंट लगाना, नक्शा पढ़ना, दूरी मापना, फील्ड सिग्नल, स्वास्थ्य और स्वच्छता। साथ ही ड्रिल, फायरिंग, हथियार प्रशिक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, वाद-विवाद और शारीरिक प्रशिक्षण जैसे विविध सत्रों ने शिविर को सम्पूर्ण अनुभव बनाया।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने बढ़ाया हौसला
शिविर के दौरान मेजर जनरल विक्रांत एम धूमने (अतिरिक्त महानिदेशक, एनसीसी निदेशालय म.प्र. एवं छ.ग.) ने खुद आकर कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता की सराहना की और ऐसे शिविरों को युवाओं के नेतृत्व विकास का सशक्त माध्यम बताया। शिविर का समापन ब्रिगेडियर डी.के. पात्रा (ग्रुप कमांडर, एनसीसी ग्रुप रायपुर) द्वारा विजेताओं को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाणपत्र प्रदान कर किया गया। अंतिम दिन सभी कैडेट्स ने राष्ट्र सेवा के लिए समर्पण की शपथ ली।
युवाओं के लिए प्रेरणा
यह शिविर न केवल प्रतिस्पर्धा का अवसर था, बल्कि युवाओं के लिए अनुशासन, नेतृत्व और सेवा की भावना को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा भी बना। एनसीसी से जुड़कर युवा न केवल फिजिकली और मेंटली मजबूत बनते हैं, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में देश के भविष्य को भी संवारते हैं।

