12 लाख रुपये में बिना स्त्री के जन्म? चीन का नया ‘प्रेग्नेंसी रोबोट’

Aug 20, 2025 - 15:36
 0
12 लाख रुपये में बिना स्त्री के जन्म? चीन का नया ‘प्रेग्नेंसी रोबोट’
यह समाचार सुनें
0:00
Powered by Aeternik

बीजिंग। एक ऐसी स्क्रिप्ट जो किसी साई-फाई फ़िल्म से कम नहीं लगती, अब दुनिया हकीकत में बदलने वाली है। चीन की 'काइवा टेक्नोलॉजी' नामक कंपनी ने एक ह्यूमनॉइड “प्रेग्नेंट रोबोट” विकसित करने का दावा किया है, जो गर्भाशय के बिना, कृत्रिम वूम्ब (आर्टिफिशियल वूम्ब) में मानव भ्रूण का पोषण कर सकता है और भविष्य में जन्म भी दे सकता है!
यह रोबोट इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि इसकी पेट की जगह एक कृत्रिम गर्भाशय स्थापित होगा। भ्रूण को स्वादिष्ट पोषक तत्व एक ट्यूब के माध्यम से दिए जाएंगे, जिससे वह पूरी तरह विकसित होकर जन्म दे सकेगा। चीन का लक्ष्य है कि 2026 तक एक प्रोटोटाइप तैयार किया जाए, जिसकी कीमत लगभग ₹12 लाख (12,00,000 रुपये) होगी- जो आम सरोगेसी की तुलना में काफी कम है।
इनफर्टिलिटी से जूझ रहे दंपतियों के लिए यह तकनीक वरदान हो सकती है। लेकिन सवाल यह है: इनोवेशन की लेशमात्र सीमा शर्मिंदगी की ओर बढ़ सकती है क्या? अभी फर्टिलाइज़ेशन, एम्ब्रियो इम्प्लांटेशन जैसे बुनियादी सवाल उत्तर के बिना ही अनगिनत नैतिक, कानूनी और सामाजिक हलकों में बहस खड़ी हो चुकी है।
एक रेडिट यूजर ने पूछा- “अगर यह रोबोट इंसान की तरह व्यवहार करेगा, तो गर्भावस्था के प्राकृतिक संबंधों और बंधनों का क्या?” भावनात्मक बंधन और मातृत्व के अर्थ पर एक सवाल खुद ब खुद खड़ा होता है।

संतुलित निर्णय ज़रूरी
इस नई तकनीक का स्वीकृत उपयोग, सामाजिक स्वीकृति और नैतिक दृष्टिकोण से संतुलित निर्णय अब पहले से कहीं अधिक ज़रूरी है। यह मानवता की एक नई रेखा है- जहां "जन्म" अब वैज्ञानिक और मशीनों के मिलन से तय होगा। 
सवाल यह है: क्या हम इस ज़मीन को ठगा मानने वाले विज्ञान के छद्म वादों में बहेंगे, या यही वह पल है जब हमें मानवता की सीमाएं और संवेदनशीलता दोनों को लौटाना चाहिए?

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com