राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025
गांव, गरीब और महिलाओं को मिलेगा नया संबल
हर पंचायत में बनेगी सहकारी इकाई
टैक्सी से लेकर बीमा तक कोऑपरेटिव मॉडल पर जोर
रायपुर @ देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और गांव, गरीब, किसान, महिलाओं, दलितों और आदिवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सहकारिता नीति 2025 का शुभारंभ किया है। केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा हाल ही में नई दिल्ली में नीति का अनावरण किया गया। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सहकार से समृद्धि" विजन की दिशा में ऐतिहासिक पहल माना जा रहा है। भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शशिकांत द्विवेदी ने बताया कि इस नीति के तहत हर तहसील में पांच मॉडल सहकारी गांव विकसित करने का लक्ष्य है। शुरुआत नाबार्ड की मदद से गांधीनगर से हो चुकी है। अब देशभर में इस मॉडल को लागू किया जाएगा।
नई नीति के तहत सहकार टैक्सी, सहकार बीमा, ग्रीन एनर्जी, दुग्ध सहकारिता, मत्स्य पालन, पर्यटन, और अन्य क्षेत्रों में भी सहकारी समितियों का गठन होगा। खास बात यह है कि सहकार टैक्सी सेवा इसी वर्ष शुरू हो जाएगी, जिससे ड्राइवर को सीधे मुनाफा मिलेगा। द्विवेदी ने बताया कि 2034 तक सहकारी क्षेत्र का देश की जीडीपी में योगदान तीन गुना बढ़ाने का लक्ष्य है। पैक्स के कंप्यूटरीकरण, 45 हजार नई पैक्स इकाइयों का गठन और त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय की स्थापना जैसे कदम इस दिशा में उठाए जा चुके हैं। यह नीति ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की मजबूत नींव साबित होगी।

