भानपुरी में कांग्रेस प्रदर्शन बन गया हिंसक हंगामा
मंत्री कश्यप के कार्यालय में तोड़फोड़, महिला पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल
रायपुर। भानपुरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन अचानक हिंसक हंगामे में बदल गया। स्थानीय मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसियों ने मंत्री केदार कश्यप के कार्यालय में तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पूरे शहर में इस घटना ने भारी सनसनी फैला दी है और कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
धक्का-मुक्की से उग्र हुआ प्रदर्शन
प्रारंभ में शांतिपूर्ण लग रहे प्रदर्शन ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। नारेबाजी और बैनर लेकर सड़क पर उतरने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़कर सीधे मंत्री के कार्यालय की ओर बढ़ना शुरू किया। पुलिस ने भीड़ को काबू में करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी पुलिस पर हमला करने से नहीं रुके। धक्का-मुक्की के दौरान महिला पुलिसकर्मी घायल हो गई। स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी भी इस अचानक हुई हिंसा से स्तब्ध रह गए।
भाजपा नेताओं का आक्रामक बयान
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष सत्यनारायण सिंह ने कहा, “कांग्रेस की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोकतंत्र में प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन हिंसा और तोड़फोड़ लोकतंत्र के खिलाफ है। कांग्रेस केवल अपने राजनीतिक हितों में उलझी है। उनकी यह हरकत निंदनीय है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा, “कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा महिला पुलिसकर्मी से बदतमीजी और हिंसा करना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह लोकतांत्रिक अधिकार का अपमान है। ऐसी हरकतें लोकतंत्र को कमजोर करती हैं।” साथ ही, चरण दास महंत के हवाले से कहा गया, “कांग्रेसी चमचे हैं, हार की निराशा में हिंसक हो गए। महिला पुलिसकर्मी पर हमला और मंत्री के कार्यालय में तोड़फोड़ निंदनीय है। जनता इसे कभी नहीं भुलाएगी। यह कृत्य घृणित और शर्मनाक है।”
प्रशासन ने किया कड़ा कदम
घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया और कई प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पूरे भानपुरी क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। भानपुरी की यह घटना सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि राजनीतिक हिंसा और लोकतंत्र की मर्यादाओं पर हमला है। जनता और प्रशासन की सुरक्षा अब सबसे बड़ा सवाल बन गई है

