भजन-कीर्तन से गूंज उठा सिनेमा हॉल: 'महावतार नरसिम्हा' देखने पहुंचे 277 इस्कॉन भक्त

Jul 28, 2025 - 21:01
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भजन-कीर्तन से गूंज उठा सिनेमा हॉल: 'महावतार नरसिम्हा' देखने पहुंचे 277 इस्कॉन भक्त
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भजन-कीर्तन से गूंज उठा सिनेमा हॉल: 'महावतार नरसिम्हा' देखने पहुंचे 277 इस्कॉन भक्त

- धोती-कुर्ता, मृदंग-करताल और 'हरे कृष्ण' के संग बना मंदिर जैसा वातावरण

रायपुर @ शनिवार रात एक मॉल स्थित मल्टीप्लेक्स में एक अनोखा और आध्यात्मिक नज़ारा देखने को मिला। यहां धार्मिक फिल्म 'महावतार नरसिम्हा' का विशेष प्रदर्शन किया गया, जिसमें इस्कॉन ( इस्कॉन ) से जुड़े 277 भक्त पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। भजन-कीर्तन, मृदंग-करताल और "हरे राम हरे कृष्ण" की धुनों से पूरा सिनेमा हॉल मंदिर जैसा लगने लगा।

भक्त पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनकर, माथे पर तिलक और गले में कंठी माला के साथ पहुंचे थे। फिल्म शुरू होने से पहले ही वे मृदंग और करताल के साथ कीर्तन करते हुए थिएटर में दाखिल हुए। इस दौरान बच्चों के प्रिय किरदार 'स्पाइडर मैन' के वेश में एक युवक भी कीर्तन करता नजर आया, जिसने दर्शकों का खास ध्यान खींचा। फिल्म के प्रदर्शन के दौरान भी कई भक्त भजन-कीर्तन करते रहे, जिससे सिनेमा हॉल में एक विशेष आध्यात्मिक वातावरण बन गया। यह दृश्य भारतीय सिनेमा इतिहास में पहली बार देखने को मिला, जब कोई आधुनिक मल्टीप्लेक्स मंदिर जैसे माहौल में बदल गया।

इस्कॉन से जुड़े भक्तो  का कहना है कि 'महावतार नरसिम्हा' केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि सनातन धर्म की गहराइयों को सही रूप में प्रस्तुत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित फिल्में कम बनती हैं, यह एक सराहनीय प्रयास है, जिसे सभी भक्तों का समर्थन मिल रहा है। यह फिल्म 25 जुलाई को रिलीज हुई थी और दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। फिल्म की कहानी भगवान विष्णु के नरसिम्हा अवतार और भक्त प्रह्लाद की कथा पर आधारित है, जिसमें भक्ति, आस्था और अधर्म के अंत की गाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।

फिल्म का निर्माण होम्बले फिल्म्स और क्लीम प्रोडक्शंस ने किया है। निर्माताओं के अनुसार, यह फिल्म भगवान विष्णु के दशावतारों पर आधारित एक श्रृंखला की शुरुआत है। भविष्य में परशुराम, रघुनंदन राम, द्वारकाधीश कृष्ण, गोकुलानंद और कल्कि अवतार पर भी फिल्में बनाई जाएंगी। फिल्म को यथार्थ के करीब दिखाने के लिए सजीव चित्रण (Live Action) तकनीक का उपयोग किया गया है। शुरुआत में इसमें एआई  का प्रयोग नहीं किया गया था, लेकिन बाद में निर्माण की गति बढ़ाने के लिए तकनीक का सहारा लिया गया।

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com