नौकरी के नाम पर 20 लाख की बड़ी ठगी, मंत्रालय के चपरासी ने किया धोखा

Jul 29, 2025 - 14:44
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 हॉस्टल वार्डन भर्ती में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 20 लाख से अधिक की ठगी पीड़ित ने दर्ज कराई धोखाधड़ी की शिकायत
 
रायपुर@ शहर के  टिकरापारा इलाके में एक बड़े ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें एक मंत्रालय के संविदा चपरासी ने खुद को क्लर्क बताकर युवकों से सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर करीब 20 लाख 50 हजार रुपए ठगे। आरोपी ने पीड़ितों को बताया कि उसके बड़े अधिकारियों तक पहुंच है और नौकरी कन्फर्म हो जाएगी। लेकिन बाद में पता चला कि यह सब धोखा था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 
टिकरापारा थाना प्रभारी विनय सिंह के अनुसार, भाठागांव निवासी जनक कुमार साहू ने शिकायत दर्ज कराई है कि अक्टूबर 2023 में उसकी मुलाकात दधीबल सिंह उर्फ डेविड तिग्गा से हुई। डेविड ने खुद को इंद्रावती भवन मंत्रालय में क्लर्क बताया और दावा किया कि वह बड़े अधिकारियों से परिचित है। उसने जनक और उसके दोस्त संजय चौहान से हॉस्टल वार्डन पद की भर्ती में नौकरी लगवाने के लिए 20 लाख 50 हजार रुपए मांगे। उस समय आदिम जाति अनुसूचित विभाग में हॉस्टल वार्डन के 300 पदों के लिए भर्ती निकली थी, जिस कारण पीड़ित युवकों को नौकरी पाने की उम्मीद थी। ठगी में फंसने के कारण जनक और संजय ने बैंक खातों के माध्यम से डेविड के खाते में रुपए ट्रांसफर कर दिए। डेविड ने उनसे कहा कि वे हॉस्टल वार्डन का फॉर्म भरकर अपना एडमिट कार्ड व्हाट्सएप पर भेज दें।

हालांकि, जब दिसंबर 2024 में भर्ती का रिजल्ट आया, तो दोनों का नाम सूची में नहीं था। जब दोनों ने डेविड से संपर्क किया तो वह जवाब देने से बचने लगा। इसके बाद डेविड ने एक 10 लाख का चेक भी दिया जो फर्जी निकला। पीड़ितों को ठगी का एहसास होने पर उन्होंने टिकरापारा थाने में दधीबल सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com