नेत्रदान से जग रोशन , जन्मजात दृष्टिहीन बालिका अब देखेगी किसी और की आँखों से दुनिया
नेत्र रोग विभाग में हुआ कॉर्निया प्रत्यारोपण का चार जटिल ऑपरेशन
रायपुर, 14 अगस्त 2025. डॉ. भीमराव अम्बेडकर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग सह क्षेत्रीय नेत्र संस्थान ने एक बार फिर से विशेष उपलब्धि हासिल की है। यहां दक्ष नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम ने नेत्रदान से मिले कॉर्निया प्रत्यारोपण (केराटोप्लास्टी) की चार जटिल ऑपरेशन कर कई और की जिंदगी को रोशन किया है। इसमें सबसे छोटे मरीज की उम्र 6 वर्ष है।
चारों मरीजों में कॉर्निया प्रत्यारोपण डॉ. निधि पांडे के मार्गदर्शन में डॉ. रेशु मल्होत्रा, डॉ. स्मृति गुप्ता (कार्निया विशेषज्ञ) तथा डॉ. अंजू भास्कर द्वारा किए गए। सभी मरीजों में शल्य चिकित्सा के पश्चात संतोषजनक सुधार देखा जा रहा है। कार्निया विशेषज्ञ डॉ. स्मृति गुप्ता के अनुसार हाल ही में किए गए कॉर्निया प्रत्यारोपण ने सबसे छोटी मासूम मरीज की अंधेरी दुनिया में रोशनी भर दी है। जन्म से ही कॉर्नियल ओपेसिटी के कारण दोनों नेत्रों से पूर्णतः दृष्टिहीन बालिका की दृष्टि में लगातार सुधार हो रहा है। इस भावनात्मक क्षण ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि नेत्रदान सिर्फ एक अंगदान नहीं, बल्कि किसी की ज़िंदगी में उजाले की लौ जलाना है। किसी के जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाना है।
डॉ. संतोष सोनकर, चिकित्सा अधीक्षक, अम्बेडकर अस्पताल ने कहा कि यह उपलब्धि नेत्र रोग विभाग की विशेषज्ञता, उच्च गुणवत्ता वाली शल्य चिकित्सा सुविधा तथा टीम वर्क का प्रमाण है। नेत्र रोग विभाग में नेत्र से सम्बन्धित सामान्य एवं गंभीर बीमारियों के लिए अत्याधुनिक उपचार सुविधा उपलब्ध है। छह वर्षीय बालिका के जीवन में रोशनी लौटाने का प्रयास करना इस संस्थान के लिए गर्व की बात है।

