ननों की गिरफ्तारी से सियासी भूकंप: केरल से रायपुर तक गरमाया विवाद

Jul 30, 2025 - 15:48
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ननों की गिरफ्तारी से सियासी भूकंप: केरल से रायपुर तक गरमाया विवाद
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जेल में मुलाकात के बाद इंडिया गठबंधन का हमला, बृंदा करात बोलीं – संविधान को नहीं रोका जा सकता

विशेष संवाददाता  

भास्कर दूत 

रायपुर@  दो ननों की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति को झकझोर दिया है। मानव तस्करी और मतांतरण के आरोप में दुर्ग रेलवे स्टेशन से हिरासत में लिए गए मामले में अब देशभर से प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। बुधवार को केरल से पहुंचे इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने जेल पहुंचकर दोनों महिला धर्मसेविकाओं से बातचीत की और फिर रायपुर प्रेस क्लब में मीडिया के सामने अपना रुख स्पष्ट किया।

बृंदा करात का तीखा वार, बजरंग दल पर गंभीर आरोप

सीपीआई (एम) की पूर्व सांसद बृंदा करात ने कहा कि दोनों महिलाओं पर झूठा केस दर्ज किया गया है। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी किशोरियों को डरा-धमकाकर जबरन बयान दिलवाया गया। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या राज्य में अब अलग क़ानून चलेगा, जहां संगठनों को खुलेआम दखल की छूट है और पुलिस मूकदर्शक बनी रहे?”

जेल में हुई मुलाकात, परिजनों से भी की बात

प्रतिनिधिमंडल में मौजूद नेताओं ने बताया कि उन्होंने जेल में बंद दोनों धर्मसेविकाओं से हालचाल लिया और जिन युवतियों को लेकर विवाद हुआ, उनके परिवार से भी फोन पर बात की। करात ने कहा कि पीड़िताएं कई वर्षों से सेवा कार्य में सक्रिय हैं, और वे केरल की नागरिक हैं, कोई विदेशी नहीं।

स्वास्थ्य खराब, पुलिस पर भी सवाल

ननों की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताते हुए बृंदा करात ने बताया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में अपशब्द कहे गए, जिससे आत्मसम्मान को ठेस पहुंची।
उन्होंने मांग रखी कि दर्ज एफआईआर को तुरंत रद्द किया जाए और जिन लोगों ने हमला किया, उन पर कार्रवाई हो।

प्रतिनिधिमंडल ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

सीपीआई नेता एनी राजा, राज्यसभा सदस्य ए.ए. रहीम, जोस के. मनी, पी.पी. सुनीर, के. राधाकृष्णन ने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि युवतियां अगर काम के सिलसिले में बाहर जा रही थीं, तो इसे अपराध कैसे माना जा सकता है? प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को ही रायपुर पहुंचा था, लेकिन उन्हें मिलन की इजाजत नहीं दी गई। बुधवार को अनुमति मिलने के बाद जेल जाकर बातचीत की गई।

बृंदा करात का संदेश – संविधान नहीं रुकता

बजरंग दल द्वारा छत्तीसगढ़ बंद बुलाने पर प्रतिक्रिया देते हुए बृंदा करात ने दो टूक कहा, “आप चाहे जहां मर्जी बंद कर लें, पर संविधान को रोकना आपके बस में नहीं।” प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वे इस प्रकरण को लेकर मुख्यमंत्री से मिलेंगे और औपचारिक ज्ञापन देकर न्याय की मांग करेंगे।

पृष्ठभूमि – कैसे शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम

25 जुलाई को दुर्ग रेलवे स्टेशन पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक युवक और दो महिला धर्मसेविकाओं को आदिवासी किशोरियों को लेकर रोका। आरोप लगाया गया कि उन्हें बहलाकर आगरा ले जाया जा रहा है। नारेबाजी के बाद सभी को जीआरपी ने हिरासत में लेकर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया।

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com