खनिज विभाग का छापा, हाइवा-जेसीबी और नाव जब्त
रेत-मुरुम माफियाओं का काला खेल बेनकाब
रायपुर। जिले में रेत-मुरुम माफियाओं का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था। नदियों की रेत से रातों-रात करोड़ों की कमाई करने वाले माफियाओं को रोकने के लिए खनिज विभाग ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। मंदिर हसौद और नवापारा इलाके में हुई इस छापामारी में तीन हाइवा, एक पोकलेन मशीन, रेत खींचने वाली सक्शन मशीन और एक नाव को जब्त किया गया।
महानदी बनी सोने की खान
गोबरा नवापारा के पारागांव में महानदी किनारे माफियाओं का खेल सबसे बड़ा था। यहां दिन-रात जेसीबी और नाव से रेत निकाली जा रही थी। बिना किसी डर और रोक-टोक के यह कारोबार चल रहा था। लेकिन अचानक पहुंचे अफसरों ने सबकुछ जब्त कर दिया। फिलहाल सभी मशीनें और गाड़ियां पुलिस थाने में खड़ी कर दी गई हैं।
प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रहे थे माफिया
पिछले कई महीनों से ग्रामीणों की शिकायत थी कि रेत-मुरुम माफिया प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर अवैध उत्खनन कर रहे हैं। नदियों का सीना छलनी किया जा रहा था और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा था। आखिरकार कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग ने यह कार्रवाई कर माफियाओं की कमाई पर ब्रेक लगाया।
प्रदेशभर में फैला नेटवर्क
सिर्फ रायपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में रेत-मुरुम माफियाओं का जाल फैला है। पांच नदियों के 47 से ज्यादा घाटों पर खुलेआम अवैध उत्खनन हो रहा है। कई जगह तो नेताओं और उनके करीबी लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। राजनांदगांव जिले में तो गोलीबारी की घटना भी हो चुकी है, जो इस गोरखधंधे की गहराई बताती है।
अब होगी बड़ी कार्रवाई
खनिज विभाग ने साफ कर दिया है कि यह तो केवल शुरुआत है। जब्त किए गए वाहनों और मशीनों पर खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत सख्त कार्रवाई होगी। विभाग ने जनता से भी अपील की है कि अवैध खनन की जानकारी तुरंत दें, ताकि माफियाओं का काला खेल हमेशा के लिए खत्म किया जा सके।

