हेमंत सोरेन, उद्धव ठाकरे या एकनाथ शिंदे... इस एग्जिट पोल के बाद लड्डू ऑर्डर करने की जहमत कौन उठाएगा

महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए. अब सबको 23 नवंबर को आने वाले नतीजों का इंतजार है. उससे पहले एग्जिट पोल ने हार-जीत की भविष्यवाणी

Nov 21, 2024 - 01:13
Nov 21, 2024 - 01:13
 0
हेमंत सोरेन, उद्धव ठाकरे या एकनाथ शिंदे... इस एग्जिट पोल के बाद लड्डू ऑर्डर करने की जहमत कौन उठाएगा
यह समाचार सुनें
0:00
Powered by Aeternik
महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए. अब सबको 23 नवंबर को आने वाले नतीजों का इंतजार है. उससे पहले एग्जिट पोल ने हार-जीत की भविष्यवाणी कर दी है. ज्यादातर एग्जिट पोल ने भाजपा को डबल खुशखबरी दी है. महाराष्ट्र में महायुति और झारखंड में भाजपा गठबंधन की सरकार बनती दिख रही है. हालांकि, कुछ एग्जिट पोल के नतीजे बहुत टफ फाइट की ओर भी इशारा कर रहे हैं. अब नतीजे चाहे जो भी हों, मगर हरियाणा चुनाव को देखकर तो यही लग रहा है कि एग्जिट पोल की सबसे अधिक मार लड्डू पर ही पड़ी है, क्योंकि शायद ही कोई पहले लड्डू ऑर्डर करने की भी सोचे. ऐसे में सवाल है कि हेमंत सोरेन, उद्धव ठाकरे या एकनाथ शिंदे… इस एग्जिट पोल के बाद लड्डू-जलेबी ऑर्डर करने की जहमत कौन उठाएगा? दरअसल, हरियाणा चुनाव के रिजल्ट और एग्जिट पोल के नतीजों में बड़ा अंतर दिखा था. एग्जिट पोल ने हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनवा दी थी. कांग्रेसियों का जोश हाई था. राहुल गांधी भी खुश हो गए थे. फाइनल रिजल्ट से पहले ही कांग्रेस की ओर से लड्डू और जलेबी के ऑर्डर दिए जा चुके थे. सबको उम्मीद थी कि एग्जिट पोल के नतीजे फाइनल रिजल्ट में तब्दील हो ही जाएंगे. इसकी वजह भी थी. क्योंकि ज्यादातर एग्जिट पोल में हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनती दिख रही थी. यही वजह है कि एग्जिट पोल के सामने आते ही कांग्रेस ने लड्डू के ताबड़तोड़ ऑर्डर दे दिए थे, मगर रिजल्ट वाले दिन अचानक पासा पलट गया. कांग्रेस को लड्डू के ऑर्डर कैंसल करने पड़े थे रुझानों के सामने आते ही कांग्रेसियों की खुशी गम में बदल गई. अचानक लड्डू-जलेबी गायब हो गए. कांग्रेस दफ्तर में जो सुबह तक जश्न का माहौल था, जो ढोल-नगाड़े बज रहे थे, दोपहर होते ही सब गायब हो गए. कांग्रेसियों ने पहले ही खूब लड्डुओं के ऑर्डर दे दिए थे. तैयारी तो उनकी पीएम मोदी को गोहाना की जलेबी भेजने की भी थी. मगर हरियाणा चुनाव के रिजल्ट ने कांग्रेस की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. नौबत यह आ गई कि भाजपा उल्टे कांग्रेसियों को जलेबी से घेरने लगी. राहुल गांधी जिस गोहना में जलेबी की फैक्ट्री लगाने की बात करते दिखे थे, वहां कांग्रेसियों ने ऑर्डर तो खूब दिए थे, मगर नतीजों को देखते ही उनका मन बदल गया. उन्होंने जलेबी नहीं ली. वहां भी कांग्रेस हार गई थी. एग्जिट पोल की असल मार लड्डू पर कैसे? गोहाना हो या कैथल… हलवाइयों को मुख्य रूप से कांग्रेस के नेताओं की ओर से ही लड्डू और जलेबी बनाने के सबसे अधिक ऑर्डर मिले थे. हरियाणा चुनाव में कांग्रेस की हार पर जलेबी खूब ट्रेंड में रहा था. सोशल मीडिया पर भी लोगों ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर जलेबी को लेकर खूब तंज कसा था. हरियाणा चुनाव के नतीजों के बाद लड्डू दुकानदारों और हलवाइयों को काफी नुकसान हुआ था. उनके ऑर्डर कैंसल कर दिए गए थे. इस तरह से देखा जाए तो एग्जिट पोल की मार पार्टियों पर नहीं, लड्डुओं पर असल में पड़ी है. हरियाणा चुनाव में यही हुआ. एग्जिट पोल के दावे लगातार फेल हो रहे हैं. इसलिए दूध का जला अब छांछ भी फूंक-फूंकर पीता है. अब महाराष्ट्र और झारखंड में एग्जिट पोल चाहे जो भी हों, मगर हरियाणा चुनाव से सबक लेकर शायद ही कोई लड्डू ऑर्डर करने की जहमत उठाए.
Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com