'सत्ता का जश्न' अब जेल की खामोशी में!

Aug 4, 2025 - 17:18
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शराब घोटाला: पूर्व सीएम भूपेश बघेल और बेटे चैतन्य को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका
गिरफ्तारी पर रोक से इनकार, हाईकोर्ट जाने की सलाह

रायपुर/नई दिल्ली। बहुचर्चित छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार करते हुए उन्हें हाईकोर्ट का रुख करने की सलाह दी। कोर्ट के इस फैसले के बाद बघेल परिवार की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
ईडी ने 18 जुलाई को भिलाई स्थित बघेल निवास पर छापा मारकर चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन ही धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया था। सोमवार को न्यायिक रिमांड खत्म होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की और रिमांड देते हुए 18 अगस्त तक जेल भेज दिया गया।

ईडी का बड़ा खुलासा: 2,500 करोड़ का घोटाला
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ और लगभग 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई (POC) घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंची। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि चैतन्य बघेल ने इस अवैध कमाई में से 16.70 करोड़ रुपये प्राप्त किए और उसे छुपाने के लिए अपनी रियल एस्टेट कंपनियों का इस्तेमाल किया।
ईडी की प्रेस नोट में बताया गया कि बघेल ने इस अवैध नकद राशि को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स के विकास, ठेकेदारों को नकद भुगतान और बैंक एंट्री के जरिए मिलाने का प्रयास किया। जांच में यह भी सामने आया कि बघेल ने त्रिलोक सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर “विठ्ठलपुरम प्रोजेक्ट” में कर्मचारियों के नाम पर फ्लैट खरीद का दिखावा करते हुए लगभग 5 करोड़ रुपये अप्रत्यक्ष रूप से प्राप्त किए।

बैंक ट्रेल और सबूत पुख्ता
ईडी के मुताबिक, बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल एविडेंस से यह स्पष्ट हुआ है कि त्रिलोक सिंह ढिल्लों ने शराब सिंडिकेट से रकम प्राप्त की और उसे चैतन्य बघेल तक पहुंचाया। 24 जुलाई को ईडी ने 50 कंपनियों और 25 संबंधित व्यक्तियों के परिसरों पर छापेमारी भी की थी।
सुप्रीम कोर्ट के इनकार के बाद अब बघेल पिता-पुत्र को राहत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा।

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com