भाजपा पर हमला, अमित शाह के बयान के बाद साफ ननों की गिरफ्तारी साजिश- बैज
बजरंग दल की गतिविधियों के विरोध में कांग्रेस करेगी प्रदर्शन
भास्कर दूत रायपुर 1 अगस्त 2025, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यूडीएफ सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से कहा है कि छत्तीसगढ़ में ननों की रिहाई में मदद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वे राज्य सरकार को कोर्ट में जमानत का विरोध नहीं करने के निर्देश देंगे। शाह के बयान से साफ हो गया कि राज्य सरकार ने बजरंग दल के दबाव में ननों को गलत ढंग से गिरफ्तार किया है। केरल भाजपा अध्यक्ष इस मामले में पहले ही कह चुके है कि ननें निर्दोष है उसकी गिरफ्तारी गलत है।
बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में प्रदेश में बजरंग दल भय और आतंक का पर्याय बन चुका है। कभी वे मुस्लिमों को टारगेट करते है, कभी ईसाइयों को, कभी सिखों को। बजरंग दल के द्वारा फैलाए जा रहे आतंक से प्रदेश में अल्पसंख्यक वर्ग अपने को असुरक्षित महसूस कर रहा है। इतना ही नहीं उनसे आदिवासी भी परेशान है । सरकार उनको संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि बजरंग दल पर यदि सरकार कार्यवाही नहीं करती है तो विरोध में कांग्रेस मुख्यमंत्री, गृह मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन करेगी।
उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते कहा कि भाजपा सरकार से सभी दुखी हैं, चाहे मितानिन हों, तहसीलदार हों या फिर खुद भाजपा के विधायक। सभी सरकार के छूट और वादा खिलाफी का दंश झेल रहे हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मितानिनों से वादा किया था वे उनके नियमित वेतन की व्यवस्था करंगे, उनका वेतन बढ़ायेंगे, उनका नियमितिकरण करेंगे। डेढ़ साल हो गया सरकार अपने वादे को पूरा नहीं कर रही। जिससे मितानिने हड़ताल पर है। इसी तरह तहसीलदार हड़ताल पर हैं। पूरे प्रदेश में राजस्व का काम प्रभावित हो रहा है। बताते है तहसीलदारों ने नारियल की एक किस्त भी चढ़ा दिया है उसके बाद उनकी मांग नहीं मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद नहीं मिलना सरकार की साजिश है। सरकार जानबूझकर खाद किसानों को नहीं देना चाहती ताकि धान की पैदावार कम हो और समर्थन मूल्य में ज्यादा खरीदी न करना पड़े।
पीसीसी अध्यक्ष कहा कि साजा विधायक ईश्वर साहू अपने स्वेच्छानुदान राशि का बड़ा हिस्सा अपने पीएसओ के रिश्तेदारों को बांट दिया। स्वेच्छानुदान की राशि जरूरतमंदों की मदद के लिए होता है। विधायक तो बंदरबांट करने में लगे है। कहावत है न कि माले मुफ्त दिले बेरहम।

