नेशनल कराते चैम्पियनशिप के दूसरे दिन एमपी-छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों का जलवा
रायपुर। राजधानी के अग्रसेन धाम, लाभांडी में चल रही 33वीं एआईकेएफ नेशनल कराते चैम्पियनशिप के दूसरे दिन सोमवार को खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। सब-जूनियर, जूनियर और महिला वर्ग की स्पर्धाओं में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिला। दर्शकों ने छोटे बच्चों से लेकर महिला खिलाड़ियों तक का जोश देख जमकर तालियां बजाईं।
सब-जूनियर वर्ग में नन्हें सितारों का दम
नीचे-6 और नीचे-7 वर्ष वर्ग की काता और कुमिते स्पर्धाओं में बच्चों ने शानदार खेल दिखाया। मध्यप्रदेश की रिशिका खरे और उत्तरप्रदेश की डिंपल कदम ने गोल्ड मेडल जीतकर सबका ध्यान खींचा। वहीं तेलंगाना की अक्षिती गुप्ता और यूपी की हिन्दा फातिमा ने कांस्य पदक जीते। एमपी के अद्विक परे और छत्तीसगढ़ के विराट त्रिपाठी ने उम्दा प्रदर्शन किया, जहां विराट ने कुमिते में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
महिला वर्ग में रोमांचक मुकाबले
महिला काता प्रतियोगिता भी बेहद रोमांचक रही। एमपी की खुशी वर्षने और महाराष्ट्र की ग्रेस सोरेस ने गोल्ड मेडल जीतकर श्रेष्ठता साबित की। कर्नाटक की एम. ज्योत्सना और विश्रुता कांस्य पदक जीतने में सफल रहीं।
टीम इवेंट्स ने बांधा समां
महिला टीम काता में एमपी की साक्षी जॉन, रिंकु गोटिया और वंशिका राठौर की तिकड़ी ने गोल्ड मेडल जीता। दिल्ली की टीम को सिल्वर और छत्तीसगढ़ की नीहा व लीलम साहू को कांस्य पदक मिला। महिला टीम कुमिते में भी एमपी की गीतांजलि, श्रृष्टि, साक्षी और रोशनी साकेत ने गोल्ड पर कब्जा किया।
प्रदेश के खिलाड़ियों की उपलब्धि
दूसरे दिन छत्तीसगढ़ के विराट त्रिपाठी, नीहा और लीलम साहू ने पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया। एमपी और यूपी के खिलाड़ी अब तक की पदक तालिका में सबसे आगे बने हुए हैं।
रायपुर में पहली बार राष्ट्रीय आयोजन
यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ में आधिकारिक नेशनल कराते चैम्पियनशिप हो रही है। रविवार को प्रतियोगिता का शुभारंभ सांसद और वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि ऐसी राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं न केवल खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें बड़े स्तर पर जाने का मौका भी देती हैं।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टेनिस संघ के महासचिव गुरुचरण सिंह होरा ने कराते संघ के अध्यक्ष विजय अग्रवाल को इस आयोजन के लिए बधाई दी। विजय अग्रवाल ने बताया कि प्रतियोगिता में देशभर से करीब 800 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिनमें एमपी, यूपी, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, ओडिशा, बिहार समेत 20 से ज्यादा राज्यों के खिलाड़ी शामिल हैं।
खेल भावना और भाईचारे का संदेश
खेल महाकुंभ की तरह आयोजित इस प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल पदक जीतना ही नहीं, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना भी है। रायपुर में पहली बार आयोजित हो रही इस नेशनल कराते चैम्पियनशिप ने खेल प्रेमियों में उत्साह भर दिया है और छत्तीसगढ़ को खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है।

