डिजिटल क्रॉप सर्वे, किसानों को अब आसानी से बीमा एवं अन्य योजनाओं का मिलेगा लाभ
कलेक्टर ने मंदिर हसौद एवं अन्य क्षेत्रों का किया निरीक्षण, दिया आवश्यक निर्देश
रायपुर 18 अगस्त , रायपुर जिले में डिजिटलक्रॉप सर्वे किया जा रहा है। 15 अगस्त से शुरू हुआ यह सर्वे 30 सितम्बर तक चलेगा। सोमवार तड़के जिला कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सर्वे स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम सेरीखेड़ी एवं मंदिर हसौद में खेत पहुंचकर हाल देखा। उन्होंने सर्वे को गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत कुमार बिश्वरंजन और एसडीएम नंदकुमार चौबे मौजूद रहे।
किसानों की वास्तविक फसल स्थिति का आकलन कर उन्हें राज्य एवं केंद्र शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के उद्देश्य से डिजिटल सर्वे किया जा रहा है। खेती को नई तकनीक से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाने की दृष्टि से भी सर्वे महत्वपूर्ण है। वहीं अपर कलेक्टर नम्रता जैन ने मोहंदी, अपर कलेक्टर राठौर ने मेहरसखा में, अपर कलेक्टर नवीन ठाकुर ने मंगसा, एसडीएम नंदकिशोर चौबे ने ग्राम नकटी में, एसडीएम रवि सिंह ने छाटा, एसडीएम आशुतोष देवांगन ने ग्राम अडसेना, अभिलाष पैकरा ने छतौना में डिजिटल फसल सर्वे का निरीक्षण किया। इसी प्रकार तहसीलदारों ने अपने प्रभार क्षेत्र के ग्रामों का निरीक्षण कर खेती का हाल जाना।
ऐसे हो रहा सर्वे-
डिजिटल क्रॉप सर्वे फिल्ड स्तर पर सर्वेयर के माध्यम से किया जा रहा है जिसमें सर्वेयर को स्वयं खेत में जाकर वहां की स्थिति और फसल का विवरण एग्रीटेक एप्प में दर्ज करना होता है। साथ में फ़ोटो अपलोड करना होता है जिसके सत्यापन बाद में पटवारी एवं वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा किया जाएगा इससे फसल का वास्तविक मूल्यांकन किया जा सकेगा और जमीन की जो परिसम्मति है उनके संबंध में सही जानकारी प्राप्त होगी।
यह होगा लाभ -
डिजिटल क्रॉप सर्वे से किसानों को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होंगे। फसल बीमा योजना एवं क्षति आकलन पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से किया जा सकेगा। पात्र किसानों को कृषि योजनाओं का लाभ शीघ्रता से मिल सकेगा। इस सर्वे से फसल उत्पादन का अत्याधुनिक डेटा तैयार होगा, जिससे आगामी धान खरीदी व्यवस्था एवं कृषि नीति और अधिक प्रभावी बनाई जा सकेगी। साथ ही किसानों को समय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं आर्थिक सहयोग भी उपलब्ध हो सकेगा।

