जनजातीय क्षेत्रों का डिजिटली सशक्त होना जमीनी प्रगति का प्रमाण- केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ.डॉ. पेम्मासानी
जनजातीय क्षेत्रों का डिजिटली सशक्त होना जमीनी प्रगति का प्रमाण- केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर ने मोहला-मानपुर-अंबागढ़ का किया दौरा
भास्कर दूत रायपुर 27 जुलाई 2025, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने आदिवासी बाहुल्य मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि “दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों का डिजिटल रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर समुदायों में रूपांतरण भारत की जमीनी प्रगति का सजीव प्रमाण है।”
केंद्रीय राज्य मंत्री सर्वप्रथम स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, मानपुर पहुंचे। यहां उन्होंने स्मार्ट कक्षा एवं डिजिटल शिक्षण उपकरणों का अवलोकन करते हुए मंत्री ने कहा कि डीएमएफ और पीएम-श्री जैसी योजनाओं के माध्यम से यह विद्यालय आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आदर्श बन रहा है। मौके पर उन्होंने बच्चों से प्रश्नोत्तर भी किया जिसका सही जवाब पर उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने अटल डिजिटल सेवा केंद्र का दौरा कर नागरिकों को डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाते देखा मौके पर उन्होंने हितग्राहियों से चर्चा की और कहा कि ग्रामीण भी डिजिटल साक्षरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर मानपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। डॉक्टर होने के नाते डॉ. चंद्र शेखर ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओ के विस्तार की सराहना की। मौके पर उन्होंने एक पेड़ मां के नाम पौध रोपण भी किया।
जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर योजनाओं का हाल भी जाना। साथ ही केन्द्र की योजनाओं की जमीनी समीक्षा करते हुए प्रभावी क्रियान्वयन और प्रगति की सराहना की। इस अवसर पर कलेक्टर तुलिका प्रजापति, डीएफओ दिनेश पटेल, सीईओ जिला पंचायत भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर विजेंद्र सिंह पाटले, एसडीएम मोहला हेमेंद्र भुआर्य, एसडीएम मानपुर अमित नाथ योगी सहित सभी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
लखपति दीदियों का बढ़ाया मनोबल - डॉ. चंद्रशेखर ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत स्व सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान स्व सहायता समूह की सदस्य नागेश्वरी सिन्हा द्वारा उन्हें राखी बांधना एक भावनात्मक और विश्वास से भरा क्षण बना दिया। उन्होंने पशु सखी और ‘लखपति दीदी’ महंतीन कावलिया के घर पहुंचकर उनके कार्यों को आर्थिक परिवर्तन का प्रेरक उदाहरण बताते हुए उनका मनोबल बढ़ाया।

