छत्तीसगढ़ में NHM हड़ताल पर सरकार का बड़ा कदम: चार मांगें मानी, कर्मचारियों को काम पर लौटने का अल्टीमेटम

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की एक महीने से जारी हड़ताल अब अपने अंतिम मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए चार मांगों को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा तीन अन्य मांगों पर विचार के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

Sep 20, 2025 - 15:01
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रायपुर, 20 सितंबर 2025:
छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों की एक महीने से जारी हड़ताल अब अपने अंतिम मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। राज्य सरकार ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए चार मांगों को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा तीन अन्य मांगों पर विचार के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि कर्मचारियों के साथ कई दौर की बातचीत के बाद यह सहमति बनी है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कर्मचारी अब भी ड्यूटी पर नहीं लौटते हैं, तो सरकार नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए बाध्य होगी।

कर्मचारियों को चेतावनी और राहत दोनों

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हड़ताल के चलते प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कहा, "हमने कर्मचारियों की 10 में से 4 मांगों को अक्षरशः स्वीकार किया है। तीन मांगों पर समिति बनाकर विचार जारी है और बाकी तीन पर उच्चस्तर पर चर्चा होगी। इसके बावजूद यदि कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं लौटते हैं, तो यह जनता के साथ अन्याय होगा।"

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिन कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया था या नोटिस दिया गया था, उनके मामलों की भी समीक्षा की जा रही है। यदि वे समय रहते अपनी ड्यूटी जॉइन कर लेते हैं, तो उनके खिलाफ की गई कार्यवाही पर पुनर्विचार किया जा सकता है।

18 अगस्त से जारी है हड़ताल

गौरतलब है कि NHM के कर्मचारियों की हड़ताल 18 अगस्त 2025 से जारी है। इस हड़ताल के कारण राज्य की प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह बाधित हुई हैं। गर्भवती महिलाओं की जांच, बच्चों का टीकाकरण, और कई जरूरी स्वास्थ्य कार्यक्रम ठप पड़ चुके हैं।

बातचीत से निकला समाधान

स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर संगठन के प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और स्वास्थ्य मिशन के डायरेक्टर के साथ कई बार बैठकें की गईं, जिनमें सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। सरकार ने यह संकेत दिया है कि वह कर्मचारी हितों को लेकर गंभीर है, लेकिन सार्वजनिक सेवाओं की कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

आगे की राह

सरकार ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे तत्काल प्रभाव से अपनी ड्यूटी पर लौटें, ताकि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को फिर से सुचारू किया जा सके। वहीं कर्मचारी संगठनों की ओर से अंतिम निर्णय की घोषणा जल्द की जा सकती है।

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com