किश्तवाड़ में कुदरत का कहर! बादल फटा: 42 की मौत, सैकड़ों लापता

Aug 14, 2025 - 22:17
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किश्तवाड़ में कुदरत का कहर! बादल फटा: 42 की मौत, सैकड़ों लापता
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मचैल माता यात्रा से पहले हुआ हादसा, श्रद्धालु, बसें, टेंट और लंगर बाढ़ में बह गए   
ऊंचे पहाड़ों और ग्लेशियरों से अचानक आया मलबा, तेज़ बहाव ने मचाई तबाही

एजेंसी। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले में गुरुवार दोपहर 12:30 बजे कुदरत ने तबाही मचा दी। पड्डर सब-डिवीजन के चशोटी गांव में अचानक बादल फट गया, जिससे तेज़ पानी और मलबे का सैलाब आ गया। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब हजारों श्रद्धालु मचैल माता यात्रा के पहले पड़ाव पर मौजूद थे। देखते ही देखते बसें, टेंट, लंगर और दुकानें बाढ़ में बह गईं।
अब तक 42 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 65 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। प्रशासन के मुताबिक, 200 से ज़्यादा लोग अब भी लापता हैं और राहत-बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है।

इलाके की भौगोलिक स्थिति ने बढ़ाई तबाही
चशोटी गांव किश्तवाड़ शहर से 90 किलोमीटर दूर पड्डर घाटी में स्थित है। यहां के पहाड़ 1,818 मीटर से 3,888 मीटर तक ऊंचे हैं, जिन पर ग्लेशियर और ढलानें मौजूद हैं। भारी बारिश के बाद ग्लेशियर पिघलने और पानी का तेज़ बहाव नीचे की ओर आने से तबाही का स्तर कई गुना बढ़ गया।

मचैल माता यात्रा पर गहरा असर
हर साल अगस्त में होने वाली मचैल माता यात्रा 25 जुलाई से 5 सितंबर तक चलती है। जम्मू से किश्तवाड़ तक 210 किलोमीटर का सफर गाड़ियों से और फिर चशोटी से 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा होती है। हादसे के बाद यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है, ताकि राहत कार्य बाधित न हो।

- स्थानीय प्रशासन ने ड्रोन और रेस्क्यू बोट्स की मदद से खोज अभियान तेज़ किया है।
- ITBP, NDRF और SDRF की टीमें मौके पर तैनात हैं।
- लापता श्रद्धालुओं के परिवारों को जानकारी देने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
-  मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com