आपातकाल में जीवन की रक्षा करने में दक्ष हुए छात्र - बीएलएस एवं एसीएलएस कार्यशाला में बेसिक लाइफ सपोर्ट की दी जानकारी
भास्कर दूत रायपुर, 02 अगस्त 2025. अम्बेडकर अस्पताल के एनेस्थेसिया एवं पेन मैनेजमेंट विभाग द्वारा बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एवं एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट (ACLS) पर आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी मेडिकल छात्रों को कार्डियक अरेस्ट एवं अन्य आपातकालीन स्थिति में उपचार के तरीके बताए गए।
आकस्मिक हृदयाघात (कार्डियक अरेस्ट) एवं अन्य आपातकालीन स्थितियों में मरीज को समय रहते उपयुक्त जीवनरक्षक उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित कार्यशाला में प्रतिभागियों को हृदय गति रुकने की स्थिति में कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) सहित कई महत्त्वपूर्ण जीवन रक्षक तकनीकों का अभ्यास कराया गया। जिसमें विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के पोस्ट ग्रेजुएट छात्र, एम्स रायपुर के पोस्ट ग्रेजुएट छात्र तथा जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों एवं फिजियोथैरेपिस्टों ने भाग लिया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में हाई क्वालिटी सीपीआर, डिफिब्रिलेशन, कार्डियोवर्शन और पेसिंग का सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान मैनकिंस (डमी) पर प्रतिभागियों से बार-बार अभ्यास करवाया गया। प्रतिभागियों को टीम लीडर बनाकर रियल टाइम केस सीनेरियो के माध्यम से व्यवहारिक अभ्यास कराया गया।
पं. नेहरू मेडिकल कॉलेज की एनेस्थेसिया एवं पेन मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतिभा जैन शाह ने प्रतिभागियों को दिल का दौरा एवं लकवे के लक्षणों की त्वरित पहचान और प्राथमिक उपचार की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया। डॉ. शिवम पटेल ने सीपीआर के चरणों की जानकारी देते हुए बताया कि 30 बार चेस्ट कंप्रेशन के बाद 2 बार साँस देना आवश्यक होता है। इस तकनीक को चिकित्सा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ - साथ हर व्यक्ति को जानना चाहिए।
प्रशिक्षण प्रदान करने वाली विशेषज्ञ टीम में सिम्स रायपुर की एनेस्थेसिया विभागाध्यक्ष डॉ. मधुमिता मूर्ति, श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की डॉ. अनीषा नागरिया, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. प्रतीक्षा अग्रवाल तथा इमर्जेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. शिवम पटेल शामिल रहे।

