एनएचएम कर्मियों के बर्खास्तगी के मामले में कांग्रेस बोली झूठा वादा क्यों किया गया
रायपुर, 16 सितंबर, हड़ताल पर बैठे संविदा एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा मंगलवार तक काम पर लौट आने अन्यथा नौकरी से निकाले जाने के फरमान को लेकर कोहराम मच गया है। कांग्रेस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की मांग बिल्कुल जायज है, लेकिन सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के बजाय उन्हें बर्खास्तगी करने की चेतावनी दी जा रही है।
वहीं कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि सरकार की ओर से देर शाम एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल को लेकर चेतावनी जारी किया जाना मुझे लगता है कि कर्मचारियों से बातचीत करने और उनकी मांगों का समाधान निकालने की बजाय सरकार दमन का रास्ता अपना रही है। यह रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे सभी सरकारी कर्मचारियों में गलत संदेश जाएगा। यही भाजपा सरकार का असली चेहरा है, जो संवाद की जगह दबाव और डर की राजनीति कर रही है।
केन्द्र ने बताया है राज्य सरकार का मामला
कांग्रेस संचार विभाग प्रमुख शुक्ला ने कहा भाजपा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में एनएचएम कर्मचारियों से वादा किया था कि उनकी नौकरी नियमित की जाएगी और उनकी समस्याओं का समाधान होगा। यह वादा प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी का हिस्सा था। सवाल यह है कि जब वादा निभाना ही नहीं था, तो झूठा वादा क्यों किया गया? साफ है कि भाजपा सरकार अपने ही चुनावी वादों से मुकर रही है। श्री शुक्ला ने कहा कि केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट कर दिया है कि एनएचएम कर्मचारियों का नियमितीकरण राज्य सरकार का विषय है, यानी अधिकार राज्य सरकार के पास है। फिर इस ‘डबल इंजन’ की सरकार को दिक्कत क्या है? हम साफ चेतावनी देना चाहते हैं कि यदि किसी भी एनएचएम कर्मचारी को प्रताड़ित किया गया या जबरन दबाव बनाया गया तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर इसका कड़ा विरोध करेगी। कांग्रेस पार्टी एनएचएम कर्मचारियों की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

