2000 लोग मारे जाते अगर... चश्मदीद ने बताया एयर इंडिया प्लेन क्रैश का चौंकाने वाला सच, मृतकों की संख्या 274 पहुंची
अहमदाबाद के मेघानी नगर इलाके में गुरुवार 12 जून की दोपहर अचानक से हड़कंप मच गया. यहां एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 जब सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयर
अहमदाबाद के मेघानी नगर इलाके में गुरुवार 12 जून की दोपहर अचानक से हड़कंप मच गया. यहां एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 जब सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भर रही थी, तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि कुछ ही मिनटों में वह एक भीषण त्रासदी में बदल जाएगी. लंदन के लिए रवाना हुई यह फ्लाइट उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद अहमदाबाद के मेघाणी नगर इलाके के पास एक मेडिकल हॉस्टल से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई.
इस बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में सवार 230 यात्रियों और 12 क्रू मेंबर्स की मौत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 274 जा पहुंची है. इनमें 241 लोग विमान में सवार थे, जबकि 33 अन्य मेडिकल हॉस्टल में मौजूद थे.
इस बीच एक चश्मदीद की दिल दहला देने वाले इस हादसे का आंखों देखा हाल बताया है. यह शख्स हादसे के बाद पास के ही मैदान में क्रिकेट खेल रहा था. उसने CNN-News18 को बताया, ‘हम खेल रहे थे तभी जहाज़ बहुत ही नीचे से गुज़रा. वो हमारे सिर के ऊपर से निकला. आमतौर पर जितनी ऊंचाई पर विमान होते हैं, यह उससे कहीं ज़्यादा नीचे था.’
चश्मदीद ने क्या बताया?
अहमदाबाद के मेघानी नगर इलाके में गुरुवार 12 जून की दोपहर अचानक से हड़कंप मच गया. यहां एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 जब सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भर रही थी, तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि कुछ ही मिनटों में वह एक भीषण त्रासदी में बदल जाएगी. लंदन के लिए रवाना हुई यह फ्लाइट उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद अहमदाबाद के मेघाणी नगर इलाके के पास एक मेडिकल हॉस्टल से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई.
इस बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान में सवार 230 यात्रियों और 12 क्रू मेंबर्स की मौत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या 274 जा पहुंची है. इनमें 241 लोग विमान में सवार थे, जबकि 33 अन्य मेडिकल हॉस्टल में मौजूद थे.
इस बीच एक चश्मदीद की दिल दहला देने वाले इस हादसे का आंखों देखा हाल बताया है. यह शख्स हादसे के बाद पास के ही मैदान में क्रिकेट खेल रहा था. उसने CNN-News18 को बताया, ‘हम खेल रहे थे तभी जहाज़ बहुत ही नीचे से गुज़रा. वो हमारे सिर के ऊपर से निकला. आमतौर पर जितनी ऊंचाई पर विमान होते हैं, यह उससे कहीं ज़्यादा नीचे था.’
चश्मदीद ने क्या बताया?
इस हादसे के चश्मदीद ने बताया, ‘अगर प्लेन थोड़ी सी और दूरी पर रिहायशी इलाकों से टकराता, तो 1500 से 2000 लोगों की जान जा सकती थी. पूरी कॉलोनी तबाह हो जाती. पायलट को सलाम है कि उसने अंतिम क्षणों में विमान को थोड़ा हॉस्टल की दिशा में मोड़ दिया, जिससे एक और बड़ी त्रासदी टल गई.’ उन्होंने कहा, ‘हमने जो देखा, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. लेकिन उस पायलट की वजह से हम आज जिंदा हैं.’
इस विमान के टकराते होते ही जोरदार धमाका हुआ और आग का एक बड़ा गोला आसमान में उठता दिखा. आसपास के लोग घटनास्थल की तरफ दौड़े. स्थानीय लोगों ने आग और मलबे के बीच से करीब 15 से 20 लोगों को किसी तरह बाहर निकाला.
विमान में किस देश के कितने लोग?
सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि विमान ने रनवे 23 से उड़ान भरी, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद वह तेजी से नीचे आया और हॉस्टल की इमारत से टकरा गया. विमान के मलबे ने हॉस्टल की दीवारों में छेद कर दिए. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोइंग 787 ड्रीमलाइनर ने सही ऊंचाई नहीं पकड़ी और मात्र 825 फीट की ऊंचाई पर उड़ता हुआ असंतुलित हो गया. विमान में कुल 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें से 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे. विमान से टकराने वाले मेडिकल हॉस्टल में भी दर्जनों लोग मारे गए.
इस भयावह हादसे में एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक विश्वाश कुमार रमेश हैं. वह सीट 11A पर इमर्जेंसी एग्जिट के पास बैठे थे. उन्हें गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन उनकी जान बच गई.
यह हादसा जितना भयावह था, उतना ही बड़ा संकट और जान-माल का नुकसान टल भी गया. स्थानीय निवासी की बातों से यह साफ है कि अगर विमान थोड़ी सी दूरी और तय करता, तो हम शायद एक ऐसी राष्ट्रीय त्रासदी की चर्चा कर रहे होते जिसमें हज़ारों लोग मारे जा सकते थे.
कैसे मिला प्लेन का ब्लैक बॉक्स?
भारत की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने इस हादसे की जांच का काम शुरू कर दिया है. बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की छत से शुक्रवार को ब्लैक बॉक्स बरामद हो गया है, जो हादसे की वजहों को समझने में मदद करेगा. विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि विमान के विंग फ्लैप्स की गलत स्थिति या इंजन में खराबी इस हादसे का कारण हो सकती है. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर इंडिया के पूरे बोइंग 787 बेड़े की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं.