AAP दूर, ममता मंजूर... SIR से ये कैसा डर? मॉनसून सत्र पर INDIA गठबंधन का आज मंथन

Jul 19, 2025 - 12:48
 0
AAP दूर, ममता मंजूर... SIR से ये कैसा डर? मॉनसून सत्र पर INDIA गठबंधन का आज मंथन
यह समाचार सुनें
0:00
Powered by Aeternik
संसद का मानसून सत्र सोमवार 21 जुलाई से शुरू होने वाला है. इस सत्र से ठीक पहले विपक्षी INDIA गठबंधन की एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आज शाम सात बजे होने जा रही है. यह बैठक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में होगी, जिसमें विपक्षी दल संसद के भीतर सरकार को घेरने की साझा रणनीति पर चर्चा करेंगे.
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया के ज़रिये बैठक की जानकारी दी. यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तान के भीतर हुई सैन्य कार्रवाई, जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा, महिला सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई बड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं.

बैठक से AAP ने क्यों बनाई दूरी?

खबर है कि आम आदमी पार्टी इस बैठक में हिस्सा नहीं लेगी. वहीं कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने साफ संकेत दिए हैं कि पार्टी अब आप को गठबंधन में शामिल नहीं रखना चाहती. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि आप के नेता अब जांच एजेंसियों के डर से दबाव में हैं.
बैठक में करीब 18 विपक्षी दलों के नेता वर्चुअली शामिल होंगे. खास बात यह है कि लंबे समय तक कांग्रेस से दूरी बनाए रखने वाली तृणमूल कांग्रेस इस बैठक में शामिल हो सकती है. माना जा रहा है कि टीएमसी की ओर से पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी बैठक में हिस्सा ले सकते हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद सोनिया गांधी के नेतृत्व में यह इंडिया गठबंधन की पहली औपचारिक बैठक होगी, जिससे इसके राजनीतिक मायने और बढ़ जाते हैं.

कांग्रेस के फिर साथ क्यों TMC?

बिहार में चुनाव आयोग के ‘SIR’ (विशेष गहन पुनरीक्षण) मुहिम को देखते हुए टीएमसी को आशंका है कि बिहार के बाद यह अभियान पश्चिम बंगाल में भी शुरू हो सकता है. इसे लेकर टीएमसी की सक्रियता बढ़ी है और इसी वजह से पार्टी फिर से गठबंधन की टेबल पर लौट आई है.

इस बैठक के ज़रिए इंडिया गठबंधन मानसून सत्र से पहले एकजुटता का प्रदर्शन करना चाहता है और यह संकेत देना चाहता है कि भले ही चुनाव हो चुके हों, लेकिन विपक्ष सरकार को उसके हर मोर्चे पर घेरने के लिए तैयार है. पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर जैसे मुद्दों पर विपक्षी दलों के बीच आम सहमति बन गई है, और इन पर संसद में सरकार को एकजुट होकर जवाब देने की तैयारी है.