लाल किले से 'नए भारत' का शंखनाद

Aug 14, 2025 - 12:49
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लाल किले से 'नए भारत' का शंखनाद
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पहली बार अग्निवीरों की धुन में बजेगा राष्ट्रगान 

समारोह में दिखेगी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और चिनाब पुल की थीम की झलक

विशेष संवाददाता 
नई दिल्ली। भारत अपने 79वें स्वतंत्रता दिवस पर फिर एक बार विश्व के सामने अपना गौरवशाली स्वरूप प्रस्तुत करने को तैयार है। इस बार का समारोह केवल परंपरा का निर्वाह नहीं बल्कि ‘नए भारत’ के आत्मविश्वास और सामर्थ्य का उद्घोष है। लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 12वीं बार तिरंगा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे। उनका भाषण ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और सशस्त्र सेनाओं की वीरता को समर्पित होगा। पहली बार राष्ट्रगान की धुन में 11 अग्निवीर शामिल होंगे, जो न केवल सेना के नवयुग का प्रतीक है बल्कि देश के युवा जोश की पहचान भी है।

मुख्य आकर्षण और कार्यक्रम की रूपरेखा:

स्वागत व सम्मान:
लाल किले पर प्रधानमंत्री का स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव रजेश कुमार सिंह करेंगे।

गार्ड ऑफ ऑनर:
दिल्ली क्षेत्र के जीओसी, लेफ्टिनेंट जनरल हवनीश कुमार प्रधानमंत्री का परिचय कराएंगे। इंटर सर्विस गार्ड और दिल्ली पुलिस गार्ड द्वारा संयुक्त सलामी दी जाएगी।

गार्ड ऑफ ऑनर दस्ते में 96 जवान:
आर्मी, नेवी, एयरफोर्स और दिल्ली पुलिस के 24-24 जवान शामिल रहेंगे।

कमांडर और टुकड़ियां:
गार्ड ऑफ ऑनर: विंग कमांडर ए.एस. सेखों
थलसेना: मेजर अर्जुन सिंह
नौसेना: ले. कमांडर कोमलदीप सिंह
वायुसेना: स्क्वाड्रन लीडर राजन अरोड़ा
दिल्ली पुलिस: एडिशनल डीसीपी रोहित राजबीर सिंह

21 तोपों की सलामी:
1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) द्वारा स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन से सलामी, कमान मेजर पवन सिंह शेखावत के पास।

राष्ट्रीय ध्वज रक्षक दल:
कुल 128 जवान, जिनमें तीनों सेनाओं और दिल्ली पुलिस के अधिकारी व जवान शामिल। कमान विंग कमांडर तरुण डागर के पास।

राष्ट्रगान बैंड में पहली बार 11 अग्निवीर:
थलसेना: मेजर प्रकाश सिंह
नौसेना: ले. कमांडर मोहम्मद परवेज
वायुसेना: स्क्वाड्रन लीडर वी.वी. शरवन
दिल्ली पुलिस: एडिशनल डीसीपी अभिमन्यु पोसवाल
बैंड संचालन: जूनियर वारंट ऑफिसर एम. डेका

थीम और सजावट:
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को समर्पित फूलों की सजावट और लोगो, साथ ही निमंत्रण पत्र पर चिनाब पुल का वॉटरमार्क — जो ‘नए भारत’ के उदय का प्रतीक।

समापन:
फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा के बाद प्रधानमंत्री का राष्ट्र को संबोधन, फिर एनसीसी कैडेट और ‘मेरा भारत’ स्वयंसेवकों द्वारा राष्ट्रगान।

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com