वन विभाग ने तीन साल से ज्यादा समय से जमे अफसरों को हटाया गया, सरकार ने बताई ये वजह
वन विभाग में बड़ा फेरबदल, 41 अधिकारियों का तबादला
रायपुर @ छत्तीसगढ़ सरकार ने वन विभाग में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए 41 उप वनमंडलाधिकारियों (एसडीओ) और रेंजरों का तबादला कर दिया है। यह फैसला विधानसभा सत्र खत्म होने के तुरंत बाद गुरुवार को जारी हुआ, जिसे स्थानांतरण नीति के तहत एक नियमित प्रक्रिया बताया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम पारदर्शिता और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के लिए उठाया गया है। वन विभाग में यह फेरबदल उन अधिकारियों पर केंद्रित रहा, जो तीन साल या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर जमे हुए थे। सरकार के अनुसार, यह स्थानांतरण पूरी तरह नियमों के अनुरूप किया गया है और इसमें किसी भी प्रकार की राजनीतिक दखलंदाजी नहीं हुई है।
कौन कहां गया?
करण सिंह प्रभारी अधिकारी, नारंगी क्षेत्र से उप वनमंडलाधिकारी, जशपुर, योगेन्द्र गण्डेचा संलग्राधिकारी, रायगढ़ से राजनांदगांव, प्रेमचंद्र मिश्रा सीतापुर से वाड्रफनगर, निष्चल चन्द्र शुक्ला कोटा से बलौदाबाजार अनिल कुमार सिंह पैकरा वाड्रफनगर से उप बलरामपुर, चन्द्राकांत टिकरिहा पाली से प्रतिनियुक्ति पर वन विकास निगम, हितेश कुमार ठाकुर रायपुर से पाली, शिवेन्द्र कुमार भगत पूर्व भानुप्रतापपुर से सहसपुर लोहारा , सपना मुखर्जी सरगुजा से सीतापुर, उदय राम वसंत पिथौरा से सरायपाली, आशुतोष भगत प्रतापपुर से जशपुर, गोविद सिंह बलौदाबाजार से महासमुंद, संस्कृति बारले उत्तर बैकुण्ठपुर से प्रतापपुर, अनिल भास्करन सरायपाली से कोटा, राजेश कुमार कश्यप केशकाल से दक्षिण नारायणपुर,आनंद कुदरिया बारनवापारा अभ्यारण्य से रायपुर, नंदकुमार सिन्हा बालोद से फरसगांव, कृषाणु चन्द्राकर गोमर्डा अभ्यारण्य (सारंगढ़) से बारनवापारा अभ्यारण्य, अंकित कुमार पाण्डेय भोरमदेव अभ्यारण्य से गोमर्डा अभ्यारण्य (सारंगढ़), शैलेष कुमार अम्बष्ट तमोर पिंगला से जिला यूनियन, जशपुर , विजय भूषण केरकेट्टा बादलखोल से तमोर पिंगला प्रकाश कुजूर वृत्त कार्यालय बिलासपुर से अनुसंधान एवं विस्तार, बिलासपुर आशीष आर्या कवर्धा से कुनकुरी, मनोज कुमार चंद्राकर गरियाबंद से देवभोग हीरे सिंह उड्के पूर्व कापसी (भानुप्रतापपुर) से उत्तर नारायणपुर, अनिता साहू पत्थलगांव से भोरमदेव अभ्यारण्य, सुरेश कुमार पिपरे पश्चिम भानुप्रतापपुर से मानपुर (मोहला), अशोक कुमार सोनवानी नारायणपुर से कोन्टा (सुकमा) , राजेन्द्र कुमार सोरी देवभोग से कानन पेंडारी ज़ू, अजय कुमार कांवरे कोन्टा (सुकमा) से नारंगी क्षेत्र, सुकमा, एमआर साहू सीतानदी अभ्यारण्य से वन विद्यालय, अम्बिकापुर, रामनाथ सोरी कांगेर घाटी से पूर्व कापसी, राकेश चौबे वृत्त रायपुर से गरियाबंद, मिथुन चंद्र डाहिरे अंतागढ़ से दुर्ग , अभिनव केशरवानी कुनकुरी से कवर्धा , भोपाल सिंह राजपूत कानन पेंडारी ज़ू से सीतानदी अभ्यारण्य, विजय कुमार चंद्रवंशी नारंगी क्षेत्र से अंतागढ़, कुमार सिंह कंबर केल्हारी से पत्थलगांव, मानवेन्द्र कुमार अचानकमार बफर (कोटा) से वनमंडलाधिकारी, केल्हारी, समीर जोनाथन जैव विविधता बोर्ड रायपुर से अचानकमार बफर , पुष्पेन्द्र कुमार साहू राजनांदगांव से जैव विविधता बोर्ड रायपुर
नीतिगत बदलाव या दबाव में फैसला?
वन विभाग में लंबे समय से ट्रांसफर रुके हुए थे, जिससे कई जगह शिकायतें मिल रही थीं कि अफसर अपनी पोस्टिंग का फायदा उठाकर नेटवर्क और रसूख बना चुके हैं। कई बार अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। अब सरकार ने विधानसभा सत्र के बाद सख्त रुख अपनाते हुए इन्हें इधर-उधर किया है।
आगे क्या?
इस फेरबदल के बाद अब नए स्थान पर पहुंचे अफसरों से अपेक्षा की जा रही है कि वे स्थानीय वन संपदा की रक्षा, वन्यजीव संरक्षण और क्षेत्रीय शिकायतों के निपटारे में तेजी लाएंगे। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आने वाले महीनों में और भी स्थानांतरण हो सकते हैं, खासकर उन अधिकारियों के जो अभी भी अपनी पोस्टिंग के तय समय से ज्यादा समय से जमे हुए हैं।

