छत्तीसगढ़ के 5 जिलों में शिक्षकों की हाजिरी अब मोबाइल ऐप से, AI टेक्नोलॉजी से होगी निगरानी.

छत्तीसगढ़ के पांच जिलों में अब शिक्षकों को मोबाइल ऐप के जरिए स्कूल में ही उपस्थिति दर्ज करनी होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित यह सिस्टम शिक्षकों की जवाबदेही तय करेगा और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाएगा।

Sep 17, 2025 - 16:45
Sep 17, 2025 - 17:22
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छत्तीसगढ़ के 5 जिलों में शिक्षकों की हाजिरी अब मोबाइल ऐप से, AI टेक्नोलॉजी से होगी निगरानी.
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रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति और कक्षा संचालन की निगरानी के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। अब शिक्षक सिर्फ स्कूल परिसर में रहकर ही अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे। यह ऐप समग्र शिक्षा अभियान के तहत IIT भिलाई के सहयोग से विकसित किया गया है।

अब सिर्फ स्कूल से ही लगेगी हाजिरी

ऐप की खासियत यह है कि यह स्कूल की 50 मीटर परिधि में ही एक्टिव होता है। यानी अब घर या बाहर से हाजिरी लगाना संभव नहीं होगा। इससे सुनिश्चित होगा कि शिक्षक वास्तव में स्कूल में मौजूद हैं।

पांच जिलों में हुआ लागू

पहले चरण में यह डिजिटल प्रणाली महासमुंद, बेमेतरा, दंतेवाड़ा, सूरजपुर और रायगढ़ जिलों में लागू की गई है। 20 हजार शिक्षकों पर सफल पायलट टेस्ट के बाद इसे शुरू किया गया। भविष्य में इसे प्रदेश के सभी 56,080 स्कूलों और 1.80 लाख शिक्षकों तक विस्तार दिया जाएगा।

रिपोर्टिंग और रियल टाइम निगरानी

प्रधानाध्यापक ऐप के जरिए पूरे स्टाफ की हाजिरी, छुट्टियाँ और कक्षा संचालन की जानकारी देख सकेंगे। रिपोर्ट डाउनलोड करने, अलर्ट पाने और नोटिस जारी करने की सुविधा भी होगी। वहीं, जिला और राज्य स्तर के अधिकारी रियल टाइम में स्कूलों की निगरानी कर सकेंगे।

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए विद्या समीक्षा केंद्र और डिजिटल निगरानी व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों की जवाबदेही सुनिश्चित करना और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण देना है। इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन आने की उम्मीद है।