खारून नदी में हादसा: मालिक के इंतजार में पूरी रात बैठा रहा श्वान

Aug 12, 2025 - 13:27
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खारून नदी में हादसा: मालिक के इंतजार में पूरी रात बैठा रहा श्वान
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बेंद्री में पैर फिसलने से युवक की मौत, बेजुबान साथी की वफादारी ने सबको भावुक किया

रायपुर@ मानव और पशु के बीच का संबंध सिर्फ देखभाल तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह एक गहरी भावनात्मक डोर से बंधा होता है। बेंद्री स्थित खारून नदी में रविवार को हुई एक दर्दनाक घटना ने इस सच्चाई को एक बार फिर साबित कर दिया। यहां एक युवक का पैर फिसलने से नदी में बहकर निधन हो गया, लेकिन उसका पालतू श्वान पूरी रात उसी जगह बैठकर मालिक का इंतजार करता रहा। इस वफादारी को देखकर पुलिस टीम और आसपास मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।

श्वान को नहलाने निकला था युवक

उरला थाना क्षेत्र के बेंद्री निवासी आलोक सिंह रविवार दोपहर अपने पालतू जर्मन शेफर्ड श्वान को नहलाने खारून नदी के एनीकेट पर गया था। पुलिस के मुताबिक, पहले आलोक ने श्वान को नहलाया, फिर खुद नहाने के लिए पानी में उतरा। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और तेज धारा में बह गया। घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था जो तुरंत मदद कर सके।

बेजुबान की वफादारी बनी सुराग

आलोक के पिता दिनेश प्रसाद ने बताया कि बेटा दोपहर को श्वान को नहलाने की बात कहकर घर से निकला था। शाम तक घर न लौटने पर खोजबीन शुरू हुई। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम जब घटना स्थल पर पहुंची, तो उन्होंने देखा कि श्वान उसी जगह पर बार-बार पानी की ओर देख रहा था, मानो अपने मालिक को ढूंढ रहा हो। उसकी यह बेचैनी पुलिस के लिए संकेत बनी कि हादसा यहीं हुआ है।

शव बरामद, गांव में शोक का माहौल

रविवार देर रात तक तलाशी अभियान चला, लेकिन आलोक का कोई पता नहीं चला। सोमवार सुबह उसका शव पठारीडीह के आरुन तट पर मिला। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

मानव-श्वान संबंध की मिसाल

यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि इंसान और श्वान के बीच अटूट रिश्ते की मिसाल है। आलोक के बेजुबान साथी ने पूरी रात ठंड और अंधेरे में बिताकर यह दिखा दिया कि वफादारी और प्रेम की कोई भाषा नहीं होती, केवल भावना होती है।

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com