क्रेडा चेयरमैन पर रिश्वतखोरी का आरोप, सवन्नी बोले – “शिकायत फर्जी और आधारहीन”

Jul 29, 2025 - 14:37
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क्रेडा चेयरमैन पर रिश्वतखोरी का आरोप, सवन्नी बोले – “शिकायत फर्जी और आधारहीन”
क्रेडा चेयरमैन पर रिश्वतखोरी का आरोप, सवन्नी बोले – “शिकायत फर्जी और आधारहीन”
क्रेडा चेयरमैन पर रिश्वतखोरी का आरोप, सवन्नी बोले – “शिकायत फर्जी और आधारहीन”
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वेंडरों ने सीएम को दी शिकायत, कहा – मांगा जा रहा था 3% कमीशन, नहीं देने पर धमकी

रायपुर @ छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के चेयरमैन भूपेन्द्र सवन्नी पर कुछ वेंडरों ने तीन फीसदी कमीशन मांगने और धमकाने का गंभीर आरोप लगाया है। वेंडरों ने इसकी लिखित शिकायत सीधे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएम सचिवालय ने ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव से रिपोर्ट तलब की है। शिकायतकर्ताओं में शामिल वेंडर सुरेश कुमार और अन्य ने बताया कि वे वर्षों से क्रेडा के साथ जुड़े हुए हैं और समय-समय पर विभागीय टेंडर लेकर राज्य में सोलर सिस्टम इंस्टॉलेशन का कार्य करते हैं। उनका आरोप है कि चेयरमैन भूपेन्द्र सवन्नी ने पदभार संभालने के बाद कार्यों की भुगतान प्रक्रिया में अड़ंगा डालते हुए अपने निजी सहायक वैभव दुबे के माध्यम से 3% कमीशन मांगना शुरू कर दिया।

*"नहीं देने पर मिल रही धमकी"*

शिकायत में यह भी कहा गया है कि जो कार्य सवन्नी के कार्यकाल से पहले स्वीकृत और पूर्ण हो चुके थे, उनकी फाइलों को रोका जा रहा है और कमीशन नहीं देने पर जांच, नोटिस और ब्लैकलिस्ट करने की धमकियां दी जा रही हैं। वेंडरों का कहना है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और इससे उनके व्यवसाय पर असर पड़ रहा है।

सवन्नी ने दी प्रतिक्रिया – “आरोप बेबुनियाद”

इस पूरे मामले पर  क्रेडा चेयरमैन भूपेन्द्र सवन्नी ने आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ की गई शिकायतें पूरी तरह फर्जी, निराधार और दुर्भावनापूर्ण हैं। मैं क्रेडा में पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रहा हूं। कुछ तत्व योजनाबद्ध तरीके से झूठ फैलाकर मेरे कार्य को बाधित करना चाहते हैं। 

सीएम कार्यालय ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मंगवाई है। सूत्रों के मुताबिक सरकार मामले की निष्पक्ष जांच कराकर यह सुनिश्चित करना चाहती है कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है, तो दोषियों पर कार्रवाई हो। ऊर्जा विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ होगी।यदि आरोप सही पाए गए, तो विभागीय और कानूनी कार्रवाई संभव। यदि आरोप गलत साबित होते हैं, तो शिकायतकर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com