'भगवा आतंक' का नैरेटिव ढहा... मालेगांव ब्लास्ट वर्डिक्ट पर BJP का वार

Jul 31, 2025 - 16:34
Jul 31, 2025 - 16:38
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 प्रज्ञा बोलीं- भगवान देंगे कांग्रेस को सजा, फैसले पर किसने क्या कहा

नई दिल्ली। मालेगांव ब्लास्ट केस में बड़ा मोड़ आया है। मुंबई की स्पेशल NIA कोर्ट ने 2008 के मालेगांव धमाके के मामले में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित समेत सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका। इस धमाके में 6 लोगों की मौत और 101 लोग घायल हुए थे।

फैसले के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर तीखे हमले बोलते हुए कहा कि यह फैसला ‘भगवा आतंक’ के नैरेटिव को पूरी तरह ढहा देता है। वहीं विपक्ष बचाव की मुद्रा में नजर आया और कहा कि आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़ना ही गलत है।

फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा का भावुक बयान
फैसले के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर भावुक हो गईं। उन्होंने कहा,

“पिछले 17 सालों में मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई। भगवा का अपमान करने वालों को भगवान सजा देंगे। जिन्होंने यह शब्दावली गढ़ी, वे सनातन धर्म और देश के दुश्मन हैं।”

पुणे में लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित के घर के बाहर पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर फैसले का स्वागत किया गया। उन्होंने भी कहा,

“मैं देश, सेना और न्यायपालिका का आभारी हूं, जिन्होंने हमें न्याय दिया। यह संघर्ष आसान नहीं था।”

BJP का कांग्रेस पर वार
फैसले के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर ‘हिंदू आतंकवाद’ फैलाने का आरोप लगाया।

रविशंकर प्रसाद ने कहा,

“आज का दिन ऐतिहासिक है। कांग्रेस का ‘हिंदू आतंकवाद’ षड्यंत्र आज ढह गया। राहुल गांधी और सोनिया गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए।”

हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा,

“गृह मंत्री ने सही कहा था कि हिंदू आतंकवादी नहीं हो सकते। कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के लिए यह नैरेटिव गढ़ा।”

देवेंद्र फडणवीस ने कहा,

“आतंकवादी न कभी भगवा था, न है और न कभी होगा। कांग्रेस ने हिंदुओं को बदनाम करने की कोशिश की।”

शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे और भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। विजयवर्गीय ने तो यहां तक कहा कि ‘हिंदू आतंकवाद’ शब्द गढ़ने वालों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस और I.N.D.I.A ब्लॉक का बचाव
कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी।

दिग्विजय सिंह ने कहा,

“आतंकवाद को किसी धर्म से जोड़ना गलत है। न हिंदू आतंकवाद है और न इस्लामी आतंकवाद।”

इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा,

“यह फैसला है, न्याय नहीं। धर्म का आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है।”

अखिलेश यादव ने कहा,

“जो मीडिया समझ रहा है, वही मैं भी समझ रहा हूं। कहीं ऐसा तो नहीं कि यह खबरें दबाने के लिए खबर लाई गई हो?”

राजनीतिक और सामाजिक असर
फैसले के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है, जबकि कांग्रेस डिफेंसिव मोड में दिखाई दे रही है। यह फैसला 17 साल पुराने मामले का पटाक्षेप करता है और भारतीय राजनीति में लंबे समय से चले आ रहे ‘भगवा आतंकवाद’ विवाद को फिर चर्चा के केंद्र में ला देता है।

फैसले के बाद अब यह बहस और तेज़ हो गई है कि क्या आतंकवाद को धर्म से जोड़ा जाना चाहिए या नहीं। भाजपा का दावा है कि यह कांग्रेस की साजिश का पर्दाफाश है, जबकि विपक्ष इसे ‘कानूनी फैसला, लेकिन राजनीतिक बहस से अलग’ मान रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और सियासी टकराव देखने को मिल सकता है।

Bhaskardoot Digital Desk www.bhaskardoot.com