उंगलुदन स्टालिन योजना को लेकर तमिलनाडु सरकार को बड़ी राहत, SC ने दिखाई हरी झंडी
नई दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट (SC) ने उंगलुदन स्टालिन योजना को लेकर तमिलनाडु सरकार को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने इस योजना पर अंतरिम रोक के मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को फिलहाल रद्द कर दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई ने दोहराया कि राजनीतिक लड़ाई मतदाताओं के सामने लड़ी जाए.
इसके लिए अदालतों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि ये याचिका ही कानूनन गलत थी. इसे कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग के तौर पर भी देख सकते हैं.
आपको बता दें कि कोर्ट ने इस मामले में याचिकाकर्ता AIDMK सांसद सी.वी.षणमुगम पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया है. एक हफ्ते में जुर्माना नहीं दिया तो अवमानना का मामला चलेगा. तमिलनाडु सरकार को जुर्माना की राशि जमा करने को कहा है. CJI बी आर गवई ने फैसला देते समय कहा कि हाईकोर्ट को इस तरह जल्दबाजी में अंतरिम रोक नहीं लगानी चाहिए थी. राजनेताओं के नाम पर योजनाओं का शुभारंभ पूरे देश में एक आम चलन है. हमारे पास तमिलनाडु के विभिन्न राजनेताओं के नाम पर शुरू की गई 45 योजनाओं की सूची है.
हम पार्टियों को शर्मिंदगी से बचाने के लिए उन 45 योजनाओं का उल्लेख नहीं करना चाहते हैं. जब ऐसी योजनाएं सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के नाम पर शुरू की गई हैं, तो हम याचिकाकर्ता की केवल एक पार्टी और एक नेता को चुनने की बेचैनी को नहीं समझते. अगर याचिकाकर्ता को धन के दुरुपयोग की इतनी ही चिंता थी, तो उसे ऐसी सभी योजनाओं को चुनौती देनी चाहिए थी. पिछले हफ्ते मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को भविष्य में शुरू की जाने वाली नई या पुनः-ब्रांडेड सार्वजनिक योजनाओं के नामकरण में किसी भी जीवित व्यक्ति के नाम का उपयोग करने पर अंतरिम रोक लगा दी

